111 कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे और 25 पदाधिकारियों के पार्टी छोड़ने के दावों के बाद बदला घटनाक्रम; भाजपा संगठन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं
कड़वा घूंट समाचार | डोंगरगढ़
डोंगरगढ़ भाजपा में पिछले कुछ दिनों से जारी संगठनात्मक खींचतान के बीच अब घटनाक्रम नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। 111 कार्यकर्ताओं के कथित सामूहिक इस्तीफे और इसके बाद 25 पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी छोड़ने की घोषणा के बीच अब करीब 50 कार्यकर्ताओं की भाजपा में घर वापसी के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में भाजपा संगठन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि पार्षद, बूथ अध्यक्ष और संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा चुके कई कार्यकर्ताओं ने लिखित पत्र एवं सार्वजनिक बयानों के माध्यम से पार्टी में बने रहने अथवा दोबारा सक्रिय होने के संकेत दिए हैं। यदि इन कार्यकर्ताओं की वापसी होती है तो पिछले कुछ दिनों से डोंगरगढ़ भाजपा में चल रही संगठनात्मक कलह को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
111 कार्यकर्ताओं के इस्तीफे से शुरू हुआ था विवाद
डोंगरगढ़ शहर भाजपा मंडल में असंतोष उस समय खुलकर सामने आया था, जब 111 कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे का दावा किया गया। नाराज कार्यकर्ताओं ने स्थानीय संगठन में उपेक्षा, गुटबाजी, परिवारवाद और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी नहीं दिए जाने जैसे आरोप लगाए थे।
इसके बाद संगठन के विभिन्न पदों पर रह चुके करीब 25 नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने की घोषणा की थी। इनमें पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष एम. तुलसी, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मंत्री बलविंदर सिंह भाटिया सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल बताए गए थे।
सुमित मिश्रा ने कुछ घंटे बाद वापस लिया था इस्तीफा
इस्तीफा देने वालों में शामिल पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने घोषणा के कुछ घंटे बाद ही अपना इस्तीफा वापस ले लिया था। इसके बाद से ही नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने और उन्हें दोबारा संगठन में सक्रिय करने की कोशिशें तेज होने की चर्चा शुरू हो गई थी।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क किए जाने और उनकी समस्याओं को संगठन स्तर पर रखने का भरोसा दिए जाने की बात सामने आ रही है। इसी कवायद के बाद करीब 50 कार्यकर्ताओं के अपने कदम पीछे खींचने तथा भाजपा में बने रहने के संकेत मिलने की चर्चा है।
पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रहा संगठन
पार्टी सूत्रों के अनुसार, डोंगरगढ़ भाजपा में सामने आए पूरे घटनाक्रम की संगठन स्तर पर समीक्षा की जा रही है। नाराज कार्यकर्ताओं की शिकायतों और आरोपों की जानकारी वरिष्ठ पदाधिकारियों तक पहुंचाई गई है। संगठन असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को मनाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर सामने आई कमियों को दूर करने का प्रयास कर रहा है।
दूसरी ओर, सार्वजनिक रूप से पार्टी के खिलाफ बयानबाजी करने और संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन करने के आरोपों में कुछ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की तैयारी की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि करीब आधा दर्जन नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। हालांकि, पार्टी ने किसी भी नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
भाजपा संगठन की ओर से अभी तक न तो 50 कार्यकर्ताओं की वापसी और न ही प्रस्तावित अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। इसलिए कार्यकर्ताओं की घर वापसी और कार्रवाई से जुड़ी जानकारी को फिलहाल संगठन के औपचारिक बयान के बाद ही अंतिम माना जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से डोंगरगढ़ भाजपा में चल रहा शक्ति प्रदर्शन अब संगठन को संभालने और नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। करीब 50 कार्यकर्ताओं की वापसी होती है तो यह स्थानीय भाजपा संगठन के लिए राहत की खबर होगी। वहीं अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी यह संकेत भी देती है कि पार्टी नेतृत्व संगठनात्मक अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपना सकता है।
