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CG : समय पर भुगतान, मजबूत भविष्य: किसान दुर्गाप्रसाद के चेहरे पर आत्मविश्वास और संतोष की मुस्कान

By kadwaghut|04 Jan 2026, 10:30 PM
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रायपुर, छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 किसानों के लिए केवल धान विक्रय का दौर नहीं रहा, बल्कि यह भरोसे, सम्मान और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बनकर सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी, तकनीक-संपन्न और किसान-केंद्रित धान खरीदी व्यवस्था ने वर्षों से किसानों के मन में जमी अनिश्चितता को दूर कर दिया है। अब किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी फसल उपार्जन केंद्र तक लाता है, क्योंकि उसे यह भरोसा है कि उसकी मेहनत का पूरा मूल्य समय पर सीधे उसके बैंक खाते में पहुँचेगा।

खेती से अटूट रिश्ता और भरोसे की नई शुरुआत

इसी बदले हुए विश्वास की सजीव मिसाल हैं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम बरमपुर निवासी किसान दुर्गाप्रसाद पिता कंचनराम। वर्षों से खेती से जुड़े दुर्गाप्रसाद ने मौसम की मार, बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितताओं के बीच भी खेती से अपना नाता कभी कमजोर नहीं होने दिया। इस वर्ष प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की नीति और 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य ने उनके मन में स्थिरता और सुरक्षा का नया संबल भर दिया। यह केवल आर्थिक लाभ नहीं था, बल्कि उस भरोसे का प्रतीक था, जिसमें किसान ने यह महसूस किया कि सरकार उसकी मेहनत को समझती है और उसके साथ मजबूती से खड़ी है।
खड़गवां उपार्जन केंद्र पर बदली व्यवस्था की झलक

तुंहर टोकन 24×7 व्यवस्था के अंतर्गत निर्धारित तिथि पर टोकन प्राप्त कर जब दुर्गाप्रसाद खड़गवां उपार्जन केंद्र पहुँचे, तो उन्हें धान खरीदी की पूरी तरह बदली हुई तस्वीर देखने को मिली। सुव्यवस्थित परिसर, बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और कर्मचारियों का सहयोगी व्यवहार यह दर्शाता है कि अब धान खरीदी प्रक्रिया में किसान की सुविधा और सम्मान को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। न भीड़, न अफरा-तफरी और न ही अनावश्यक प्रतीक्षा, जिससे पूरी प्रक्रिया सहज, सुचारु और संतोषजनक रही।

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धान खरीदी के दौरान डिजिटल तौल कांटे, फोटो आधारित सत्यापन और रियल टाइम डेटा एंट्री जैसी आधुनिक तकनीकों ने पूरी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व भरोसेमंद बना दिया। प्रत्येक चरण किसान की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिससे किसी भी प्रकार की शंका या भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं रही। तकनीक के प्रभावी उपयोग से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि किसानों का व्यवस्था के प्रति विश्वास और भी गहरा हुआ।

समय पर भुगतान से आत्मविश्वास की नई उड़ान

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसान दुर्गाप्रसाद ने कुल 20.80 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। पूरी खरीदी प्रक्रिया समयबद्ध और व्यवस्थित रही। जब उनकी मेहनत की फसल सम्मानजनक और पारदर्शी तरीके से बिकी और भुगतान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में समय पर जमा हुई, तो उनके चेहरे पर संतोष और गर्व साफ झलक उठा। समय पर भुगतान मिलने से अब वे बच्चों की शिक्षा, पारिवारिक आवश्यकताओं और आगामी कृषि सत्र की तैयारी को लेकर पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे की योजना बना पा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई किसान हितैषी नीतियों के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए दुर्गाप्रसाद कहते हैं कि बदली हुई धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के मनोबल को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। अब खेती केवल संघर्ष का प्रतीक नहीं रही, बल्कि यह एक सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आजीविका का भरोसेमंद माध्यम बनती जा रही है। किसान दुर्गाप्रसाद की यह सफलता की कहानी छत्तीसगढ़ के उन हजारों किसानों की भावना को प्रतिबिंबित करती है, जो नई धान खरीदी व्यवस्था से लाभान्वित होकर आत्मनिर्भरता की ओर आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ा रहे हैं।

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