छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

नेताओं के बाद अब अधिकारियों पर सवाल, क्या सरकारी गाड़ियों का दुरुपयोग होगा बंद?

नेताओं के बाद अब अधिकारियों पर सवाल, क्या सरकारी गाड़ियों का दुरुपयोग होगा बंद?

By kadwaghut|14 May 2026, 10:31 AM
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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री Narendra Modi के आह्वान के बाद देशभर में मंत्री, सांसद और विधायक अपने वाहनों का काफिला कम करने की पहल कर रहे हैं। कई जनप्रतिनिधियों ने सुरक्षा में चलने वाली अतिरिक्त गाड़ियों को हटाने का निर्णय लिया है, ताकि डीजल-पेट्रोल की बचत हो सके और जनता के बीच सादगी का संदेश जाए।लेकिन अब सवाल सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी उठने लगे हैं। चर्चा है कि कई अधिकारी अब भी सरकारी गाड़ियों का निजी उपयोग कर रहे हैं। कुछ अधिकारी रोजाना सरकारी वाहन से दुसरे जिले से आना-जाना कर रहे हैं, वहीं कई गाड़ियां अधिकारियों के परिवार और बच्चों को दुसरे जिले से छोड़ने और लाने में उपयोग होने की बात सामने आ रही है।लोगों का कहना है कि जब मंत्री, विधायक और सांसद अपने काफिले कम कर सकते हैं, तो क्या प्रशासनिक अधिकारी भी सरकारी संसाधनों के उपयोग में संयम दिखाएंगे? लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की खपत और सरकारी खर्च के बीच यह मुद्दा अब चर्चा का विषय बन गया है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी गाड़ियां जनता की सेवा और प्रशासनिक कार्यों के लिए होती हैं, न कि निजी सुविधा के लिए। ऐसे में प्रशासन को भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर सख्ती करनी चाहिए।अब देखना होगा कि जनप्रतिनिधियों के बाद क्या अधिकारी वर्ग भी अपनी गाड़ियों का उपयोग कम कर ईंधन बचत अभियान में भागीदारी निभाएगा, या फिर सरकारी वाहनों का निजी उपयोग इसी तरह जारी रहेगा।

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