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CG : सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा सफल: 1040 विशिष्टजनों का रायपुर में भव्य स्वागत …

By kadwaghut|27 Jun 2026, 3:39 PM
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रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा’ सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गई। पांच दिवसीय यात्रा के बाद प्रदेश के सभी जिलों से शामिल 1040 विशिष्टजन सकुशल रायपुर लौटे, जहां रेलवे स्टेशन पर उनका पारंपरिक रीति-रिवाज, पुष्पवर्षा और माल्यार्पण के साथ भव्य स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन कराने के साथ भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और राष्ट्रीय एकात्मता से जोड़ना था। यात्रा में पद्मश्री सम्मान प्राप्त विभूतियों, राष्ट्रीय एवं राज्य सम्मानित कलाकारों, साहित्यकारों, संस्कृति कर्मियों, समाजसेवियों और अन्य विशिष्टजनों ने भाग लिया।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस यात्रा को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, गुजरात सरकार और सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट का सहयोग मिला। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान सोमनाथ के दर्शन-पूजन के साथ मंदिर की ऐतिहासिक विरासत का अवलोकन किया तथा लाइट एंड साउंड शो भी देखा। कई प्रतिभागियों ने अपने क्षेत्रों की पावन मिट्टी और नदियों का जल भगवान सोमनाथ को अर्पित कर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

यात्रा के दौरान आवागमन, आवास, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं। संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे स्वयं पूरी यात्रा में मौजूद रहे और व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।

यात्रा से लौटे प्रतिभागियों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया। उनका कहना था कि शासन की निःशुल्क और सुव्यवस्थित पहल से वर्षों पुरानी सोमनाथ दर्शन की इच्छा पूरी हुई। उन्होंने उत्कृष्ट यात्रा प्रबंधन और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि इस यात्रा ने भारतीय संस्कृति के प्रति उनका गर्व और अधिक बढ़ाया।

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रायपुर रेलवे स्टेशन पर लौटे श्रद्धालुओं ने छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल तीर्थाटन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का प्रेरक अभियान रही। शासन का मानना है कि इस पहल ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय एकात्मता को भी नई मजबूती प्रदान की है।

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