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नई रेल लाइन से व्यापार और कोयला आपूर्ति को राहत, गोड्डा–पीरपैंती प्रोजेक्ट पर तेजी से काम जारी

By Admin|17 Jun 2026, 12:51 PM
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 भागलपुर
आजादी के लंबे कालखंड के बाद भी बिहार और झारखंड के सीमावर्ती प्रक्षेत्र गोड्डा से पीरपैंती के बीच सीधे रेल संपर्क न होने से स्थानीय आबादी पूरी तरह सड़क मार्ग पर निर्भर थी. हालांकि, अब पूर्व रेलवे के निर्माण विभाग की सक्रियता से इस कमी को दूर करने का प्रयास तेज कर दिया गया है. कुल 1,393 करोड़ रुपये की लागत वाली इस नई रेल लाइन परियोजना के प्रथम चरण का काम वर्तमान में गति पकड़ चुका है. इसी कड़ी में, प्रथम चरण का निर्माण पूरा होने से पहले दूसरे चरण के लिए आवश्यक जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि तकनीकी विसंगतियों के कारण परियोजना के काम में कोई रुकावट न आए.

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झारखंड सरकार ने रेलवे को सौंपी 150 एकड़ जमीन; दो चरणों में बंटा है पूरा प्रोजेक्ट
इस रेल परियोजना के प्रशासनिक और भौगोलिक विस्तार की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं. कुछ महीने पहले इस परियोजना की कमान संभालते हुए झारखंड सरकार ने रेलवे को 150 एकड़ भूमि आधिकारिक रूप से उपलब्ध करा दी थी. गोड्डा के जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने इस संबंध में पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत को भूमि आवंटन का आधिकारिक पत्र सौंपा था, जिसके बाद से रेलवे की तकनीकी टीम धरातल पर मुस्तैद है.

यह पूरी 62 किलोमीटर की रेल योजना दो अलग-अलग चरणों में पूरी की जा रही है. पहले फेज के तहत गोड्डा से महागामा तक रेल ट्रैक बिछाने का काम तेजी से चल रहा है, जबकि दूसरे फेज में महागामा से पीरपैंती तक की दूरी को रेल कड़ियों से जोड़ा जाएगा.

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एनटीपीसी फरक्का को कोयला आपूर्ति में मिलेगी राहत; व्यापार को मिलेगा संबल
“इस नए रेलखंड के पूरी तरह संधारित हो जाने के बाद एनटीपीसी (NTPC) फरक्का को ललमटिया माइंस से कोयले की आपूर्ति के लिए एक नया और छोटा मार्ग मिल जाएगा, जिससे वर्तमान में कहलगांव होकर जाने वाले रूट का अतिरिक्त दबाव कम होगा. इसके अतिरिक्त, मिर्जाचौकी, पाकुड़ और साहेबगंज प्रक्षेत्र से स्टोन चिप्स के परिवहन के लिए यह ट्रैक सबसे मुफीद साबित होगा. साथ ही, सरकार द्वारा पीरपैंती में प्रस्तावित नए पावर प्लांट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भी यह रेल परियोजना गेम-चेंजर साबित होगी.”

पहले फेज के काम के साथ ही दूसरे फेज के भूमि अधिग्रहण की रूपरेखा तैयार
पूर्व रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग के कनिष्ठ और वरिष्ठ अधिकारी इस परियोजना की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि समय सीमा के भीतर कली-मजदूरों और निर्माण एजेंसियों को फील्ड में उतारा जा सके. रेल मार्ग के चालू होने से न केवल आम यात्रियों को सुगम सफर की सुविधा मिलेगी, बल्कि सीमावर्ती जिलों के व्यापारिक प्रक्षेत्र को भी एक नया आर्थिक संबल प्राप्त होगा.

इस संबंध में आधिकारिक बयान साझा करते हुए पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत ने बताया कि गोड्डा से पीरपैंती नई रेल लाइन योजना के लिए झारखंड सरकार से 150 एकड़ भूमि प्राप्त हो चुकी है. पहले फेज के तहत गोड्डा से महागामा तक निर्माण कार्य पूरी मुस्तैदी से जारी है. पहले चरण की कड़ियों को आपस में जोड़ने के साथ ही, दूसरे फेज के लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी जल्द ही धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा ताकि पूरी परियोजना को बिना किसी प्रशासनिक विसंगति के समय पर पूरा किया जा सके.

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