छत्तीसगढ़

नैनो उर्वरकों से बढ़ी पैदावार और घटी लागत, सरगुजा के किसान पंकज राजवाड़े बने नवाचार की मिसाल

By Admin|03 Jun 2026, 5:12 PM
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नैनो उर्वरकों से बढ़ी पैदावार और घटी लागत, सरगुजा के किसान पंकज राजवाड़े बने नवाचार की मिसाल

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नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से खेती हुई अधिक लाभकारी, किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील

रायपुर
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत में भी कमी ला रहे हैं। राज्य शासन और कृषि विभाग द्वारा प्रोत्साहित नैनो उर्वरकों का उपयोग किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। सरगुजा जिले के विकासखंड अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जगदीशपुर के प्रगतिशील किसान पंकज राजवाड़े इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं, जिन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया है।

पंकज राजवाड़े पिछले दो वर्षों से अपनी फसलों में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का नियमित उपयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन उन्नत तरल उर्वरकों के प्रयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है, उत्पादन में सुधार आया है तथा खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। कम खर्च में बेहतर परिणाम मिलने से उनकी आय में भी वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों का उपयोग विभिन्न प्रकार की फसलों और सब्जियों में प्रभावी रूप से किया जा सकता है। आलू, टमाटर, बैंगन, लहसुन, प्याज सहित अन्य व्यावसायिक फसलों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। तरल स्वरूप में उपलब्ध होने के कारण इनका छिड़काव आसान है और पौधों को पोषक तत्व सीधे एवं प्रभावी रूप से प्राप्त होते हैं। इससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों में सुधार होता है।

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पंकज ने बताया कि पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की आवश्यकता कम मात्रा में पड़ती है, जिससे परिवहन और भंडारण की सुविधा बढ़ती है तथा किसानों का खर्च भी कम होता है। इसके साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी अपेक्षाकृत अनुकूल विकल्प साबित हो रहा है।

अपनी सफलता के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से उन्हें बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं और किसान भाई भी इसका लाभ लेकर अपनी खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बना सकते हैं।

कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। जगदीशपुर के किसान पंकज राजवाड़े की सफलता यह दर्शाती है कि नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

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