मध्य प्रदेशराज्‍य

मध्य प्रदेश में जनसुनवाई पर सवाल, CS अनुराग जैन ने अधिकारियों को लगाई फटकार

By Admin|28 May 2026, 3:02 PM
f X W

भोपाल

ये बात मध्य प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया यानी मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार को कही। जैन की यह नाराजगी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के एजेंडों पर किए जा रहे एक्शन की समीक्षा के दौरान सामने आई।

मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि खनिज के अवैध परिवहन में लगे बिना नंबर प्लेट और टूटी-फूटी नंबर प्लेट वाले वाहनों को राजसात करें। जितनी जल्दी हो, ऐसे वाहनों को नीलाम भी किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि खनन अपराधों के पुराने केस निकाले जाएं। पता लगाएं कि किन मामलों में अब तक सजा हुई है और यदि सजा नहीं हुई है तो तुरंत औपचारिकता पूरी कर सजा दिलाने के प्रयास किए जाएं।

सीएस जैन ने कहा- सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई सर्विस डिलेवरी का सशक्त माध्यम हैं। यहां आने वाले मामलों में प्रशासन को संवेदना के साथ काम करना चाहिए। जनसुनवाई के दौरान अधिकारी मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं और शिकायत का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें। सीएम हेल्पलाइन के शत-प्रतिशत प्रकरणों को अटेंड करने की कार्यवाही करें।

जनसुनवाई में जहर, सीएस का सवाल
मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन बुधवार को एकदम कड़े मूड में थे। कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सीधे पूछा कि जनसुनवाई में लोग जहर खा रहे हैं, आत्मदाह कर रहे हैं, तो यह कैसा सुशासन है?

उन्होंने कहा कि अवैध खनन करने वालों पर पुलिस और प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। इसीलिए कोई भी आसानी से ट्रैक्टर या बाइक चढ़ाने की हिम्मत कर लेता है। यह हालत बदलनी ही होगी।सीएस ने साफ कहा कि कलेक्टर और एसपी की यह जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों पर सख्त एक्शन लिया जाए। ताकि दोबारा ऐसी घटनाएं न हों।

खनन माफिया पर नई सख्ती
मुख्य सचिव ने अवैध खनन और परिवहन पर बड़ा आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर एक भी गाड़ी बिना नंबर प्लेट या टूटी नंबर प्लेट के पकड़ी गई तो उसे सिर्फ जब्त नहीं किया जाएगा। उसे सीधे राजसात करके तुरंत नीलाम किया जाएगा।

READ ALSO  'उधर चलो, नहीं तो चोट लग जाएगी', गायों को देखकर योगी आदित्यनाथ का अनोखा अंदाज चर्चा में

104 हैंडपंप निजी कब्जे में होने पर नाराजगी जताई
बैठक में पेयजल की समीक्षा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि अलग-अलग जिलों में 104 हैंडपंप निजी लोगों के कब्जे में हैं। सीएस जैन ने इस बात पर नाराजगी जताते हुए कहा- ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई सरकारी हैंडपंप पर ही कब्जा कर ले।

पानी सभी को मिलना चाहिए। संबंधित कलेक्टर ऐसे मामले में जल्द कार्यवाही कर जानकारी देंगे। इसके अलावा शहरों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश भी सीएस जैन ने कलेक्टरों को दिए।

सिर्फ डीएपी नहीं, एनपीके के लिए भी दें टोकन
खरीफ सीजन के लिए खाद वितरण की समीक्षा करते हुए सीएस जैन ने कहा- खाद का पर्याप्त भंडारण है। किसानों को ई-विकास पोर्टल के जरिये पंजीयन कर खाद देने का काम किया जाए। सिर्फ डीएपी के लिए ही टोकन न दें बल्कि एनपीके के लिए भी टोकन दें ताकि भीड़ की स्थिति न बने।

जैन ने दुग्ध उत्पादन के लिए क्षीर धारा कार्यक्रम और नस्ल सुधार के कार्यक्रम भी ग्रामीण इलाकों में तेजी से चलाने के लिए कहा।

पुल-पुलिया की मरम्मत कराने के निर्देश
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा- किसी भी जिले की प्रगति वहां होने वाले बैंक फाइनेंस से पता चलती है, कलेक्टर इसके लिए तेजी से काम कराएं। बारिश का मौसम आने वाला है, इसलिए पुल-पुलिया की मरम्मत और नवीनीकरण का काम पूरा करा लिया जाए।

बरगी क्रूज हादसे की घटना के मद्देनजर सीएस ने कलेक्टरों से कहा है कि वे अपने जिले के जलाशयों में पहुंचने वाले पर्यटकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।

READ ALSO  दिवाली पर बिजली सप्लाई रहेगी दुरुस्त, भोपाल में 225 विशेष टीमें तैनात

साथ ही पुराने खनन माफियाओं की फाइलें दोबारा खोलने का आदेश भी दिया गया है। यह देखा जाएगा कि किन मामलों में अब तक सजा नहीं हुई है। जहां भी सजा रुकी हुई हो, वहां तुरंत औपचारिकता पूरी करके सजा दिलाने की कोशिश की जाए।

भोपाल-सिंगरौली कलेक्टर को फटकार
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान भोपाल कलेक्टर (आईएएस प्रियंक मिश्रा) को कड़ी फटकार लगाई गई है। जमीनों के नामांतरण और बंटान के मामलों में पेंडेंसी बढ़ती जा रही थी और समीक्षा भी नहीं हो रही थी। इस पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जाहिर की।

वहीं सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल की भी जमकर क्लास लगाई गई। प्रदूषण, पेयजल संकट और कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिए जाने पर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई।

सीएस अनुराग जैन ने एक बात और बिल्कुल साफ कर दी। उन्होंने कहा कि अब पुराने ढर्रे पर काम नहीं चलेगा। हर जिले को अपनी अर्थव्यवस्था खुद खड़ी करनी होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जवाबदेही तय की जाएगी।

जनसुनवाई में लापरवाही नहीं चलेगी
सीएस ने यह भी कहा कि लोक सेवा गारंटी, सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में आम जनता के साथ संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। अगर ऐसा हुआ तो संबंधित अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी। उन्होंने याद दिलाया कि इन तीनों माध्यमों से ही सरकार की छवि बनती और बिगड़ती है।

औद्योगिक नीति की समीक्षा में कलेक्टरों को कहा गया कि अपनी नाकामी छुपाने के बजाय कृषि और उद्यानिकी से तालमेल बिठाकर जिले में औद्योगिक माहौल बनाएं। उन्होंने बताया कि जीएसडीपी (Gross State Domestic Product) में कृषि का हिस्सा 37 से बढ़कर 43 फीसदी हो गया है। वहीं, सिर्फ खेती से जिलों का पूरा विकास नहीं होगा, इसलिए उद्योगों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

READ ALSO  भोपाल में पांच मौतों से मचा हड़कंप, घर में मिले परिवार के चार शव; पुलिस जांच में जुटी

ड्रग्स-नारकोटिक्स पर विशेष अभियान
डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी एसपी को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के आसपास फैले ड्रग्स के जाल को खत्म करके ड्रग फ्री जोन बनाया जाए। पोक्सो एक्ट और विस्फोटक अधिनियम का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। शांति भंग करने वाले और हुड़दंगियों से भी सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए।

बैठक में कई और अहम फैसले
बैठक में कई और जरूरी बातें भी सामने आईं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 104 सरकारी हैंडपंपों पर रसूखदार या निजी लोगों ने कब्जा कर रखा है। कलेक्टरों को आदेश दिया गया है कि तुरंत कब्जा हटाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें।

नरवाई जलाने के मामले में लापरवाही पर जबलपुर और नरसिंहपुर के कलेक्टरों को भी फटकार लगाई गई।

खरीफ सीजन में किसानों को खाद के टोकन सिर्फ डीएपी (Di-Ammonium Phosphate) के लिए नहीं, बल्कि एनपीके (Nitrogen Phosphorus Potassium) के लिए भी दिए जाएं। इससे हंगामे की स्थिति नहीं बनेगी।

बरगी क्रूज हादसे से सबक लेते हुए सभी कलेक्टरों को जिले के हर जलाशय और पर्यटन स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए गए।

स्वच्छता और आवास में कोताही नहीं
शहरी और ग्रामीण विकास की समीक्षा में प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई गई। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) और स्वच्छता पर सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई। पानी की सुरक्षित आपूर्ति और जल गंगा संवर्धन अभियान के बचे हुए काम 21 जून से पहले हर हाल में पूरे करने के निर्देश दिए गए।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

2

Back to top button