राजस्थानराज्‍य

RPSC भर्ती घोटाला: 11 आरोपी गिरफ्तार, कौशल किशोर चन्द्रूल दो दिन के रिमांड पर

By Admin|29 Apr 2026, 9:50 PM
f X W

 अजमेर

Advertisement
Advertisement

अजमेर में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी पाने के चर्चित मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रेसिडेंट कौशल किशोर चन्द्रूल को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले इस मामले में पूर्व डीन ध्वज कीर्ति शर्मा को भी पकड़ा जा चुका है, जिनसे पूछताछ के आधार पर यह कार्रवाई की गई.

अब तक 11 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
एसओजी के एडिशनल एसपी श्याम सुंदर विश्नोई के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बताया जा रहा है कि आरोपी को जयपुर से पकड़कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर भेजा गया है..

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्जी डिग्रियों पर अंतिम साइन भी आरोपी ही करता था और वह कमीशन के आधार पर इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था. पुलिस अब पूरे गिरोह की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.

RPSC भर्ती में फर्जी डिग्री का खेल
मामले की जांच लोकसेवा आयोग की शिकायत के बाद शुरू हुई थी. आयोग ने बताया था कि स्कूल लेक्चरर (हिंदी) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में चयनित दो युवतियों ने आवेदन के समय वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय की डिग्री बताई, लेकिन बाद में मेवाड़ यूनिवर्सिटी की डिग्री प्रस्तुत की. जांच में सामने आया कि दोनों ने एमए की फर्जी डिग्री के
जरिए नौकरी हासिल की.

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि उन्हें ये डिग्रियां उनके परिजनों के माध्यम से उपलब्ध कराई गई थीं. इसके बाद एसओजी ने सरकारी शिक्षक दलपत सिंह और डॉक्टर सुरेश विश्नोई सहित अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित गिरोह है जो फर्जी डिग्रियों के जरिए सरकारी नौकरियां दिलाने का काम कर रहा था. मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है.

READ ALSO  योगी का दावा- लखनऊ बना ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र, यूपी देश के विकास का ग्रोथ इंजन
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins