छत्तीसगढ़

तीन माह तक चलेगा विशेष अभियान, 14-15 वर्ष की बालिकाओं का होगा एच.पी.वी. टीकाकरण, टास्क फोर्स की बैठक में बनी कार्ययोजना

By Admin|11 Mar 2026, 7:51 PM
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रायपुर

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कबीरधाम जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव में लिए वृहत ‘‘एच.पी.वी. टीकाकरण अभियान’’ शुरू होने जा रहा है। राज्य शासन की संवेदनशील पहल पर यह वृहत कार्यक्रम प्रारंभ होने जा रहा है। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक गत दिवस आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस टीकाकरण अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि 14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को एच.पी.वी. टीकाकरण किया जाएगा। यह अभियान जिले के चिन्हांकित स्वास्थ्य संस्थाओं में संचालित किया जाएगा तथा एच.पी.वी. का टीका पूरी तरह सुरक्षित है।

कलेक्टर  गोपाल वर्मा ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए 14-15 वर्ष की बालिकाओं के चिन्हांकन, पालकों को जानकारी प्रदान करना और आवश्यक सहमति लेने का कार्य करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में एक बड़ी समस्या है। ऐसे में यह टीकाकरण कार्यक्रम बच्चियों जरूरी सुरक्षा कवच प्रदान करेगी। इसका लाभ जिले की हर पात्र बालिका को मिलना चाहिए।

सीएमएचओ डॉ. डी.के. तुरे ने अभियान के बारे में बताया कि प्रतिवर्ष विश्व में लगभग 74 हजार से 77 हजार महिलाओं की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर से होती है, जिसमें से लगभग एक-तिहाई मौतें भारत में होती हैं। करीब 48 प्रतिशत मामलों को समय रहते पहचान कर बचाया जा सकता है, लेकिन 50 से 60 प्रतिशत मामलों की पहचान अंतिम चरण में होती है। एच.पी.वी. वैक्सीन (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लगाया जाता है।

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टीकाकरण के लिए आधार कार्ड के आधार पर आयु का निर्धारण किया जाएगा। एच.पी.वी. वैक्सीन की सिंगल डोज (0.5 एम.एल.) दी जाएगी। यह अभियान उन शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में संचालित किया जाएगा, जहां मेडिकल ऑफिसर पदस्थ हैं। अभियान तीन माह तक चलेगा और वैक्सीन बायीं ऊपरी बांह में लगाया जाएगा। यह टीका गर्भावस्था अथवा खाली पेट में नहीं लगाया जाता है। जिले में कुल जनसंख्या के आधार पर 12 हजार से अधिक बालिकाओं को टीकाकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

टीकाकरण के पश्चात तर्जनी उंगली में मार्किंग की जाएगी। टीकाकरण से पहले पालकों से सहमति ली जाएगी। यह अभियान नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से अलग संचालित किया जाएगा, जिसके लिए पृथक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। वैक्सीन लगाने के बाद हितग्राहियों को आधे घंटे तक स्वास्थ्य केन्द्र में रुकना होगा तथा इसके पश्चात उन्हें टीकाकरण कार्ड प्रदान किया जाएगा।

अभियान के सफल संचालन के लिए शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग का महत्वपूर्ण सहयोग रहेगा। इन विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। निर्धारित आयु वर्ग की बालिकाओं के पालकों एवं शिक्षकों को वैक्सीन के संबंध में जानकारी देकर उनकी सहमति प्राप्त की जाएगी।

जिले के चिन्हांकित स्वास्थ्य केन्द्रों में निर्धारित तिथि पर सहमति के बाद शाला में अध्ययनरत तथा शाला त्यागी बालिकाओं को चिकित्सक की उपस्थिति में एच.पी.वी. वैक्सीन लगाया जाएगा। टीकाकरण के बाद आधे घंटे की निगरानी के पश्चात सामान्य स्थिति में उन्हें टीकाकरण कार्ड देकर घर भेजा जाएगा। जिले में 14-15 वर्ष की बालिकाओं को टीकाकृत करते हुए इस अभियान को शीघ्र पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

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