बिहार / झारखण्डराज्‍य

झारखंड में कोयला तस्करी का काला कारोबार उजागर, कई अधिकारी और सिंडिकेट जांच के घेरे में

By Admin|16 Apr 2026, 3:51 PM
f X W

रांची

Advertisement
Advertisement

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमाओं के बीच चल रही कोयला तस्करी और मनी लाउंड्रिंग के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ईडी ने इस मामले में विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दाखिल की है, जिसमें 650 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लाउंड्रिंग का जिक्र किया है। यह काली कमाई पिछले पांच वर्षों में जबरन वसूली और गुंडा टैक्स से की गई है।

ईडी की जांच में यह बात प्रमुखता से सामने आई है कि इस सिंडिकेट का जाल झारखंड तक फैला हुआ था। ईडी के अनुसार, सिंडिकेट न केवल बंगाल के दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र में सक्रिय था, बल्कि झारखंड से पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से लाए गए कोयले के कारोबार में भी संलिप्त था। झारखंड से होने वाली इस अवैध तस्करी को संरक्षण देने के लिए सिंडिकेट ने कई सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक रसूखदारों को घूस के रूप में मोटी रकम पहुंचाई थी। सिंडिकेट वैध डिलीवरी ऑर्डर (डीओ) धारकों, ट्रांसपोर्टरों और खरीदारों से जबरन वसूली करता था। इसे जीटी (गुंडा टैक्स) या रंगदारी टैक्स कहा जाता था।
जीटी नहीं देने पर उठाव व परिवहन रोक दिया जाता था

ईडी ने पाया है कि यह वसूली ₹275 प्रति टन से लेकर ₹1,500 प्रति टन तक की जाती थी। यह कोयले के वास्तविक मूल्य का लगभग 20-25 प्रतिशत हिस्सा था। जो व्यापारी यह टैक्स नहीं देते थे, उन्हें कोयला उठाने और परिवहन करने से रोक दिया जाता था। इस दबाव के कारण भारी मात्रा में कोयला खदानों में ही पड़ा रहा, जिससे ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) को भी भारी वित्तीय नुकसान हुआ। उगाही की गई रकम को कई प्रोप्राइटरशिप फर्मों और मुखौटा कंपनियों के जरिए घुमाया जाता था, ताकि कमाई को वैध दिखाया जा सके।

READ ALSO  जल संसाधन मंत्री ने पुनर्वास स्थल करौंदिया पहुंचकर हितग्राहियों से किया संवाद, निर्माणाधीन मकानों का किया निरीक्षण ग्रामीणों के बीच बैठकर मंत्री ने सुनी समस्याएं

लाला पैड के जरिए होती थी वसूली
ईडी ने जांच में पाया था कि गुंडा टैक्स व अवैध कोयला संचालन के लिए लाला पैड का इस्तेमाल किया जाता था।

आप सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ईडी के छापे
जालंधर/चंडीगढ़। ईडी ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों पर छापेमारी की। ईडी ने यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत इन शैक्षणिक संस्थानों के कुछ विदेशी वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की। अधिकारियों ने बताया कि जालंधर, उसके आसपास के इलाकों और गुरुग्राम में लगभग 10 स्थानों पर तलाशी ली गई। इसमें फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर और गुरुग्राम में स्थित टेट्र कॉलेज ऑफ बिजनेस तथा मास्टर्स यूनियन कॉलेज ऑफ बिजनेस नामक दो शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। आप ने हाल ही में राघव चड्ढा को हटाकर मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का उपनेता नियुक्त किया था। वह फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति भी हैं। उनके बेटे प्रथम मित्तल ने गुरुग्राम स्थित शिक्षण संस्थानों की स्थापना की।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins