मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभाशाली दिव्यांग बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप दिए 5 लाख रुपए

By Admin|25 Mar 2026, 10:16 PM
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भोपाल 

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्म दिवस पर दिव्यांग बच्चों के साथ सुखद संवाद करते हुए रवीन्द्र भवन परिसर एमपीटी कैफे कल्चर हाउस का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बच्चों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जन्म दिवस का केक काटा, हैप्पी बर्थडे टू यू का गीत गाकर बधाई दी और उन्हें एक पेंटिंग भेंट की। इस अवसर पर बालिका सिहायना तिवारी ने जन्म दिवस पर कविता सुनाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया। कु. सिहायना ने प्रभु राम के संघर्ष पर भी कविता पाठ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांग बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप 5 लाख रूपए और कविता पाठ करने वाली बालिका कु. सिहायना तिवारी को पृथक से 21 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। यह बच्चे बाल निकेतन और आरूषि संस्थान से जुड़े हैं। इस अवसर पर पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों से संवाद में बताया कि रवीन्द्र भवन प्रदेश की सांस्कृतिक गतिविधियों का केन्द्र रहा है। वर्षों से इस स्थान से कलाकारों, साहित्यकारों और संस्कृति प्रेमियों का जुड़ाव रहा है। यहां सांस्कृतिक और ग्राम्य जीवन की थीम पर विकसित कैफे कल्चर हाउस प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह स्थान कला, संस्कृति और स्थानीय परंपराओं को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त मंच बनेगा। यह मध्यप्रदेश पर्यटन का एक अनूठा प्रोजेक्ट है। इसमें प्रकृति, संस्कृति और विभिन्न प्रकार के विशेष भोजन का संयोजन है। इस प्रकार की पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय व्यंजनों और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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रवीन्द्र भवन परिसर स्थित एमपीटी कल्चर कैफे हाउस में लगभग 85 लोगों की बैठने की क्षमता है। यह कैफे आगंतुकों को शांत और सुकून भरा वातावरण प्रदान करता है। यहां का मेन्यू प्रदेश की समृद्ध क्षेत्रीय व्यंजनों की झलक प्रस्तुत करता है, जिसमें भुट्टे का कीस, अन्न को प्रोत्साहन देते हुए रागी बालूशा और कोदो अरंचिनी जैसे पारंपरिक एवं नवाचारी व्यंजन शामिल हैं। इसे एक लैंडस्केप-आधारित कैफ़े के रूप में डिज़ाइन किया गया है। हरी-भरी हरियाली और प्राकृतिक बनावटों को आधुनिक वास्तुशिल्प ढाँचे में समाहित करते हुए, यह कैफ़े रवीन्द्र भवन में आने-जाने वालों के लिए अनोखा अनुभव प्रदान करेगा। कैफे में हाथ से तराशी गई लकड़ी की बैठकों से लेकर विशेष रूप से तैयार टेराकोटा, पत्थर, लकड़ी, बांस और जूट के कलात्मक कार्य प्रदेश के सृजनकर्ताओं की सृजनशीलता को दर्शाते हैं। कैफे का इंटीरियर प्रदेश की हस्तशिल्प और कलाकृतियों से सुसज्जित है, जो भोजन के अनुभव को और भी यादगार बनाएगा। यहाँ का वातावरण 'क्रिएटिव हब' के रूप में विकसित किया गया है। उद्घाटन अवसर पर पर्यटन सचिव एवं मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी, अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

 

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