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CG : लेख : राजस्व सेवा में बढ़ती गति और सुविधा – कोरबा जिले की 25 वर्षों की उपलब्धि

By lokesh sharma|01 Nov 2025, 11:39 AM
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गांव-गांव तक पहुंची तहसील की सुविधा, तेज हुआ राजस्व प्रकरणों का निराकरण

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4 तहसील से बढ़कर 12 हुई

1 नवम्बर को 5500 अधिकार अभिलेख का होगा वितरण

कोरबा, छत्तीसगढ़ राज्य के गठन वर्ष 2000 में कोरबा जिले में मात्र चार तहसीलें – कोरबा, करतला, कटघोरा और पाली ही हुआ करती थीं। उस समय सीमित प्रशासनिक ढांचे के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपने राजस्व प्रकरणों के समाधान के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। प्रकरणों की अधिकता और सीमित संसाधनों के कारण न्याय मिलने में भी देरी होती थी।

बीते 25 वर्षों की विकास यात्रा में कोरबा जिले ने प्रशासनिक विस्तार और जनता की सुविधा की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। बढ़ती जनसंख्या और ग्रामीण अंचलों की जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने लगातार नई तहसीलों का गठन किया। आज जिले में कुल 12 तहसीलें कार्यरत हैं- कोरबा, करतला, कटघोरा, पाली, पोड़ीउपरोड़ा, अजगरबहार, भैसमा, बरपाली, दर्री, दीपका, हरदीबाजार और पसान। विगत वर्षों में बनी नई तहसीलों ने राजस्व सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

नई तहसीलों के गठन वर्षः पोड़ीउपरोड़ा -2008, हरदीबाजार – 2020, दर्री -2020, अजगरबहार – 2022, भैसमा – 2022, बरपाली – 2022, दीपका – 2022, पसान – 2022, इन नई तहसीलों के गठन से न केवल ग्रामीणों की प्रशासनिक पहुंच आसान हुई, बल्कि राजस्व मामलों के निपटारे में भी तेजी और पारदर्शिता आई है। कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा राजस्व के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए न सिर्फ हर 15 दिनों में राजस्व अधिकारियों की बैठक ली जाती है, प्रकरणों का समय पर निराकरण सुनिश्चित हो सके, इस दिशा में वे समीक्षा करते हुए राजस्व अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्यवाही की जानकारी भी लेते हैं। तहसील न्यायालयों के प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण कराना उनकी प्राथमिकता में होती है।

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राजस्व प्रकरणों के निराकरण में हर साल हुई वृद्धि
राजस्व वर्ष 2023-24 में कुल 12,578 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 5,828 प्रकरणों का निराकरण किया गया। वहीं वर्ष 2024-25 में 16,565 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 12,642 प्रकरणों का निराकरण कर लिया गया कृ जो कि 76.31 प्रतिशत की उत्कृष्ट सफलता दर है। यह वृद्धि बताती है कि कोरबा जिले में प्रशासनिक क्षमता और सेवा दक्षता दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

स्वामित्व योजना में भी हुई है प्रगति

स्वामित्व योजना के तहत भी जिले ने सराहनीय प्रगति की है। अब तक 9,114 अधिकार अभिलेख का वितरण किया जा चुका है तथा आगामी 1 नवम्बर 2025 को 5,500 अधिकार अभिलेखों का वितरण किया जाएगा। यह पहल ग्रामीणों को अपने भू-स्वामित्व का अधिकार प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

यह 25 वर्षों की कहानी है  बदलते कोरबा की, जहाँ शासन की पहुँच जनता तक, और जनता की आवाज शासन तक पहुँची है। राजस्व प्रशासन के इस सुदृढ़ीकरण ने कोरबा जिले को विकास और सुशासन की नई पहचान दी है। यह आमनागरिको के लिए बहुत सहूलियत साबित हो रही है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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