छत्तीसगढ़बिलासपुर जिला

CG : वसूली नेटवर्क का मेंबर था सूर्यकांत का ड्राइवर, कोल लेवी घोटाले में नहीं मिली जमानत…

By kadwaghut|10 May 2026, 12:54 PM
f X W

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाले के आरोपी और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के ड्राइवर की जमानत हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि नारायण साहू सिर्फ ड्राइवर नहीं, बल्कि पूरे वसूली नेटवर्क का एक्टिव मेंबर था, सूर्यकांत ने उसके नाम पर संपत्ति भी खरीदी है। बता दें कि, कोयला घोटाला केस में ईओडब्ल्यू आरोपी ड्राइवर की 2 साल से तलाश कर रही थी। उसे करीब दो महीने पहले गिरफ्तार किया गया था। केस में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कोयला लेवी के पैसे के कलेक्शन और ट्रांसफर का भी काम करता था।

Advertisement
Advertisement

ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी के बाद उसे जेल दाखिल गया था, जिसके बाद आरोपी नारायण साहू ने ईडब्ल्यू की स्पेशल कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई, जिसे खारिज कर दी गई। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की। याचिका में उसने कहा कि ईओडब्ल्यू को उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। उसका कहना है कि वह केवल कारोबारी का ड्राइवर था। कोयला घोटाले में उसका कोई हाथ नहीं है। उसने यह भी आरोप लगाया कि पहले उस पर खिलाफ में बयान देने के लिए दबाव बनाया गया। बाद में उसे फंसाने के लिए आरोपी बना दिया गया।

एजेंसियों के मुताबिक, इन दस्तावेजों से करोड़ों रुपए की अवैध वसूली के लेन-देन का लिंक सामने आया है। इसी आधार पर कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोपी की भूमिका गंभीर है और उसे जमानत दिए जाने का आधार नहीं बनता। राज्य शासन की तरफ से कहा गया कि जांच में यह सामने आया कि नारायण साहू कथित कोल लेवी सिंडिकेट के जरिए करीब 13 करोड़ रुपए की नकद अवैध वसूली में शामिल था। आरोपी पिछले करीब ढाई साल से फरार चल रहा था। एजेंसी की पूछताछ से लगातार बचने की कोशिश कर रहा था। साथ ही जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। इस मामले में पहले ही कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था।

READ ALSO  CG : पक्के आशियाने से संवर रहा ग्रामीण परिवारों का जीवन, 8,546 परिवारों ने किया गृह प्रवेश ...
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins