छत्तीसगढ़

विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को मिला आवास का अधिकार, सर्वे में 33 हजार स्वीकृत और 21 हजार मकान पूरे

By Admin|10 May 2026, 8:56 PM
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रायपुर
राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक  राज्य में सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 21 हजार आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। ऐसे हितग्राही जो पूर्व में छूट गए थे, उनके लिए भारत सरकार से विशेष आग्रह कर राज्य शासन द्वारा विशेष अनुमति प्राप्त कर उनका पुनः सर्वे कार्य जारी है, जो एक-दो दिनों में पूर्ण हो जाएगा। सर्वे पूर्ण होते ही पात्र हितग्राहियों को तत्काल आवास स्वीकृत किए जाएंगे।

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सोशल मीडिया में एक वायरल वीडियो के संबंध में जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर के दौरान एक हितग्राही जो विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से आते हैं अपना आवेदन लेकर शिविर में आये थे। उनका परिवार पूर्व में छत्तीसगढ़ में निवास नहीं कर रहा था, वे उड़ीसा में ही रह रहे थे। जिसके कारण वर्ष 2011 एवं वर्ष 2018 की आवास सर्वे सूची में उनके परिवार को शामिल नहीं किया जा सका था, हाल में वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कराए गए नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी उक्त परिवार ग्राम में निवासरत नहीं था, तब वे उड़ीसा में निवास कर रहे थे और पिछले कुछ दिनों पूर्व ही वे छत्तीसगढ़ आये थे। उसके वापस लौटने के बाद उनके परिवार का सर्वे पीएम जनमन योजना के तहत पूर्ण कर लिया गया है और उसे शीघ्र ही आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा।

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उन्होंने बताया कि जिले में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के जिले में अलग अलग बसाहटों में निवासरत होने के कारण बार बार सर्वे कराकर हितग्राहियों को जोड़ने का कार्य भी किया गया है। ऐसे परिवार जिनका पूर्व में सर्वे नहीं हुआ था, ऐसे शेष पात्र परिवारों हेतु सर्वेक्षण पूर्ण कर सूची तैयार कर ली गई है तथा भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने की प्रतीक्षा है। 

जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र परिवारों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा में होने के कारण उक्त परिवार का राशन कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपूर्ण थे, जिसे अधिकारियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए समाधान शिविर में ही बनाने का कार्य किया गया। जहां उनका राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनाया गया तथा आयुष्मान कार्ड के लिए भी कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। इसके साथ ही उन्हें आश्वश्त किया गया कि शासन प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है।

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