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Guru Gobind Singh Jayanti 2025 गुरु गोबिंद सिंह की जयंती कब मनाई जाती है

By Manish Kumar|26 Dec 2025, 7:33 PM
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इस साल 2 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह जयंती मनाई जाएगी. इस बार ये साल में दूसरी बार मनाया जाने वाला त्योहार है. इस दिन जगह-जगह लंगर और गुरुवाणी होगी. दरअसल, कई लोग यह जानना चाहते हैं कि गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती आखिर किस दिन मनाई जाएगी। अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो हम आपको साफ और सही जानकारी दे देते हैं।

क्यों बना असमंजस?

गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पौष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है।
साल 2025 में यह तिथि दो बार पड़ी है। यही वजह है कि इस साल गुरु गोबिंद सिंह जयंती दो बार मनाई जा रही है।

  • पहली बार यह जयंती 5/6 जनवरी 2025 को मनाई गई
  • दूसरी बार अब यह पर्व 27 दिसंबर 2025 को मनाया जाएगा

चंद्र कैलेंडर के अनुसार सप्तमी तिथि दो बार आने के कारण श्रद्धालुओं को इस साल दो बार गुरु गोबिंद सिंह जयंती मनाने का अवसर मिला है।

कब होगी छुट्टी?

27 दिसंबर 2025 को गुरु गोबिंद सिंह जी की 359वीं जन्म वर्षगांठ मनाई जाएगी।

  • सप्तमी तिथि की शुरुआत: 26 दिसंबर, दोपहर 1:43 बजे
  • सप्तमी तिथि का समापन: 27 दिसंबर, दोपहर 1:09 बजे

इस अवसर पर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में

  • स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे
  • कई जगह सरकारी दफ्तरों में भी अवकाश रहेगा

गुरु गोबिंद सिंह जी की रचनाएं

गुरु गोबिंद सिंह जी न सिर्फ महान योद्धा और संत थे, बल्कि एक श्रेष्ठ लेखक भी थे।
उनकी प्रमुख रचनाओं में शामिल हैं—

  • जफरनामा
  • गुरुविलास पदशाही
  • दस गुरु
  • श्री दसम गुरु चमत्कार
  • प्राचीन पंथ प्रकाश

इन ग्रंथों के माध्यम से उन्होंने समाज को जोड़ने, आत्मसम्मान और अपनी जड़ों को समझने का संदेश दिया।

कैसे मनाई जाती है गुरु गोबिंद सिंह जयंती?

इस पावन दिन देशभर के गुरुद्वारों में विशेष आयोजन होते हैं—

  • अखंड पाठ और कीर्तन
  • नगर कीर्तन
  • श्रद्धालु गुरुद्वारों में मत्था टेकते हैं और गुरुवाणी सुनते हैं
  • गुरु साहिब की शिक्षाओं का प्रचार किया जाता है
  • जगह-जगह लंगर का आयोजन
  • जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और दवाइयां बांटी जाती हैं

गुरु गोबिंद सिंह जी का योगदान

गुरु गोबिंद सिंह जी ने—

  • 1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की
  • सिखों को पांच ककार—केश, कंघा, कड़ा, कच्छा और कृपाण—का महत्व बताया
  • मुगल अत्याचारों के खिलाफ डटकर मुकाबला किया
  • गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का शाश्वत गुरु घोषित किया

गुरु गोबिंद सिंह जयंती हमें साहस, समानता, धर्म रक्षा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

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