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मंत्री विजयवर्गीय का निर्देश: नगरीय निकायों को स्वावलंबी और विकास केंद्र के रूप में स्थापित करें

By Admin|16 Apr 2026, 7:06 PM
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सभी अधिकारी नगरीय निकायों को स्वावलंबी और विकास केंद्र के रूप में करें स्थापित : मंत्री विजयवर्गीय

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अधिकारी विद्यार्थी भाव से सेवा और जन-भागीदारी को बनाएँ अपना ध्येय
सड़क और जल आपूर्ति के साथ रोजगार सृजन और राजस्व वृद्धि पर दें विशेष ध्यान
सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान में "शहरी सुधार कार्यशाला" का किया शुभारंभ

भोपाल 
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान में दीप प्रज्ज्वलित कर "शहरी सुधार कार्यशाला"का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के नगरीय निकायों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए दूरदर्शी नेतृत्व और कर्मठता के साथ नगरों के कायाकल्प करने का आह्वान किया।

प्रशासन व्यवहार से चलता है, जन-सेवा ही सर्वोपरि: मंत्री विजयवर्गीय

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जीवन में सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि, "यदि सभी अधिकारी विद्यार्थी भाव को आत्मसात कर जीवन जिएंगे, तो व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन दोनों ही उत्कृष्ट होंगे। उन्होंने कहा  कि प्रशासन केवल नियमों से नहीं, बल्कि उचित व्यवहार से चलता है। जनता की सेवा के लिए समर्पण और कठोर परिश्रम ही एक सफल अधिकारी की वास्तविक पहचान है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को दोहराते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुरूप हमें सभी नगरीय निकायों को 'आत्मनिर्भर' बनाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि हमारे शहरी केंद्रों को 'विकास केंद्र' के रूप में विकसित किया जाए। अधिकारियों को अब केवल सुदृढ़ सड़क और स्वच्छ जल तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें शहर में रोजगार के नवीन अवसर उत्पन्न करने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

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नवाचार और राजस्व वृद्धि पर विशेष बल

मंत्री विजयवर्गीय ने नगरों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण पर चर्चा करते हुए भूमि मुद्रीकरण और भूमि के कुशल प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नगरीय भूमि का उपयोग जनकल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए प्रभावी ढंग से हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाला समय शहरीकरण का है। यदि आप पारदर्शिता और जन-भागीदारी के साथ नवीन कार्य करेंगे और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ देंगे, तो जनता भी कर वृद्धि जैसे निर्णयों में सहर्ष आपका साथ देगी। उन्होंने अधिकारियों को जन-प्रतिनिधियों के साथ सामंजस्य बिठाकर चुनौतियों को स्वीकार करने की सीख दी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नवनियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से संवाद के दौरान कहा कि नगरीय निकायों में कार्य करते समय सेवा भाव अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह सीधे जनता से जुड़ा दायित्व है।

अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस संस्थान में प्रथम बार इस प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से सक्रियता, ऊर्जा और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की। दुबे ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आगामी वर्ष के लिए एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करना और नियोजित विकास के साथ नागरिक जागरूकता विकसित करना है। उन्होंने अर्बल चेलेंज फंड और द्वारका योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से नगरीय निकायों के कायाकल्प की संभावनाओं पर भी बल दिया।

नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि विभाग एक परिवार और सामूहिक भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 16 नगर निगमों के आयुक्त, मुख्य नगरपालिका अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यशाला में सम्मिलित हैं। कार्यशाला का मुख्य केंद्र नागरिक संतुष्टि और मूलभूत सिद्धांतों पर कार्य करना है।

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       इस कार्यशाला के माध्यम से आगामी दो दिनों तक नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली में सुधार , समीक्षा और संवाद का क्रम निरंतर जारी रहेगा, ताकि प्रदेश के शहरों को आधुनिक और जन-सुविधाओं से युक्त बनाया जा सके।

 

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