छत्तीसगढ़

CG : फेस्टिव सीज़न में उत्कृष्ट सेवा: अमेज़न में रेखा की मेहनत और समावेशिता की कहानी

By lokesh sharma|15 Oct 2025, 11:46 AM
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इस फेस्टिव सीज़न में, अमेज़न इंडिया उन हज़ारों एम्प्लॉयीज़, एसोसिएट्स और पार्टनर्स की मेहनत का जश्न मना रहा है, जिनकी लगन देशभर में लाखों ग्राहकों और विक्रेताओं के लिए तेज़, भरोसेमंद और शानदार अनुभव संभव बनाती है। इनमें से एक हैं पुणे की कस्टमर सर्विस एसोसिएट, रेखा पडवाल, जिनकी महाराष्ट्र के एक छोटे शहर से अमेज़न में सफल करियर की यात्रा आत्मविश्वास और समावेशिता की मिसाल है।

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रेखा पाँच वर्ष की उम्र में पोलियो से पीड़ित हो गईं और तब से ही व्हीलचेयर पर जीवनयापन कर रही हैं। भंडारा, महाराष्ट्र में पली-बढ़ीं रेखा ने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। अपने पिता के प्रोत्साहन और उनके इस विश्वास के साथ कि काबिलियत नजरिए से तय होती है, रेखा तमाम सीमाओं के सामने डटकर खड़ी रहीं। उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों और शारीरिक बाधाओं को पार करते हुए पढ़ाई में मेहनत की और वाणिज्य में स्नातक की डिग्री हासिल की।

रेखा कहती हैं, “मेरे पिता हमेशा कहते थे कि हो सकता है कि लोग तुम्हें तरस भरी निगाहों से देख सकते हैं, लेकिन तुम्हें अपने काम और उपलब्धियों से दिखाना होगा कि तुम क्या कर सकती हो। ये शब्द मेरे जीवन के हर कदम में मार्गदर्शक रहे हैं।”

स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, रेखा ने सिलाई, ब्यूटी सर्विस और टेली-कॉलिंग में प्रशिक्षण लिया। ये स्किल्स ही उन्हें स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाए रखने की वजह बनीं। शादी के बाद जब वे पुणे शिफ्ट हुईं, तो उन्हें पैराएथलीट्स की एक कम्युनिटी के बारे में जानकारी मिली। यहीं उन्होंने खेलों में अपनी मेहनत और जज्बे को नए रूप में आजमाना शुरू किया। वर्ष 2019 में, रेखा ने व्हीलचेयर मैराथन में हिस्सा लिया और गोल्ड मेडल जीता। इस जीत ने उनके सपनों को एक नई दिशा दी। उन्होंने महिलाओं की व्हीलचेयर टीम बनाई और सिर्फ दो महीने की प्रोफेशनल ट्रेनिंग के बाद टीम स्टेट चैम्पियनशिप में जीत हासिल कर ली।

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रेखा मुस्कुराते हुए कहती हैं, “इस जीत के मेरे जीवन में बहुत मायने हैं, क्योंकि इसी ने यह साबित किया कि हम लोगों की उम्मीदों से कहीं ज्यादा कर सकते हैं।”

जल्दी ही रेखा अमेज़न इंडिया में कस्टमर सर्विस एसोसिएट के तौर पर शामिल हुईं, जिससे उनके लिए नए अवसरों का मार्ग खुल गया। शुरुआत में डिजिटल टूल्स सीखना और प्रोफेशनल जिम्मेदारियों को संतुलित करना चुनौतीपूर्ण था। लेकिन, साथियों और मैनेजर्स के समर्थन से उन्होंने जल्दी ही खुद को साबित किया। रेखा कहती हैं, “शुरुआत में मैं थोड़ी नर्वस थी, लेकिन मेरी टीम ने मुझे पहले दिन से ही अहम् और काबिल महसूस कराया।”

विगत छह वर्षों में रेखा ने अमेज़न में कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्हें 2019 में दो बार ‘कस्टमर ऑब्सेशन’ अवॉर्ड भी मिला, खासकर कोविड-19 महामारी के दौरान उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए।

आज, जब अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल, भारत का सबसे बड़ा त्यौहारों वाला शॉपिंग उत्सव, देशभर में बेहतरीन वैल्यू, विशाल चयन और भरोसेमंद सुविधा दे रहा है, रेखा पीछे से इसका अहम् हिस्सा हैं। उनकी मेहनत और लगन अमेज़न के नेतृत्व सिद्धांतों को जीवंत बनाए रखती हैं। रेखा कहती हैं, “मुझे अपने काम पर गर्व है। मैं हर दिन बड़ी संख्या में कस्टमर कॉल्स संभालती हूँ और हमेशा फीडबैक लेती हूँ, क्योंकि यही मुझे आगे बढ़ने में मदद करता है। अमेज़न ने मुझे सफल होने के लिए सब कुछ दिया है, सहयोगी मैनेजर्स, सुविधाजनक इंफ्रास्ट्रक्चर और ऐसा माहौल, जहाँ मुझे बराबरी का दर्जा मिलता है।”

हाल ही में रेखा ने अमेज़न द्वारा आयोजित विकलांग कर्मचारियों के लिए करियर डेवलपमेंट प्रोग्राम में भी हिस्सा लिया। यह प्रोग्राम डेटा मैनेजमेंट, कस्टमर कम्युनिकेशन और वर्कफ्लो एफिशिएंसी जैसे मुख्य क्षेत्रों में व्यावहारिक कौशल बढ़ाने पर केंद्रित था, ताकि फेस्टिव सीज़न में व्यस्तता से पहले एसोसिएट्स अपनी क्षमता को मजबूत कर सकें।

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रेखा बताती हैं, “इस ट्रेनिंग ने बहुत मदद की। हमने वर्चुअल सेशंस में उन टूल्स के बारे में सीखा, जो हम हर दिन इस्तेमाल करते हैं, जैसे एक्सेल और टिकटिंग सिस्टम, और बड़ी कॉल वॉल्यूम को बेहतर तरीके से मैनेज करने के तरीके भी सीखे। इसने हमारा आत्मविश्वास बढ़ाया और दिखाया कि सही सोच के साथ हम किसी भी चुनौती को संभाल सकते हैं।”

ग्रेट इंडियन फेस्टिवल अमेज़न इंडिया के लिए सबसे व्यस्त और रोमांचक समयों में से एक है। यह समय संगठन में टीमवर्क, कस्टमर ऑब्सेशन और ऑपरेशनल एक्सीलेंस को दिखाता है। रेखा के लिए यह व्यक्तिगत रूप से भी खास है क्योंकि इस दौरान वह अपने पेशेवर कौशल दिखाती हैं। रेखा कहती हैं, “फेस्टिव सीज़न में कस्टमर कॉल्स बढ़ जाते हैं और हम मिलकर तेजी से सेवा देते हैं और बढ़ती माँग को पूरा करते हैं। यह ऊर्जा प्रेरित करती है, और हमारी कस्टमर सर्विस टीम पूरी लगन से ग्राहकों की मदद करती है, उनकी समस्याओं को सुलझाती है, पॉलिसी स्पष्ट करती है, समय पर अपडेट देती है और उनकी सभी जरूरतें पूरी करती है।”

अपनी यात्रा पर विचार करते हुए रेखा कहती हैं कि उनके जीवन में हर अध्याय स्वतंत्रता और उद्देश्य से जुड़ा रहा है। वे कहती हैं, “मैं ऐसा जीवन जीना चाहती थी, जहाँ मैं सिर्फ शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और आर्थिक रूप से भी अपने पैरों पर खड़ी हो सकूँ। अमेज़न में मुझे यह मौका मिला। यह जगह आपको बढ़ने की आज़ादी देती है और बड़े सपने देखने के लिए समर्थन भी।”

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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