छत्तीसगढ़

धान खरीदी में फर्जीवाड़ा बेनकाब: 2.54 करोड़ की गड़बड़ी पकड़ी गई, मुंगेली प्रभारी पर FIR

By Admin|15 Apr 2026, 7:11 PM
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मुंगेली.

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जिले में धान खरीदी को लेकर बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। जिले के हथनीकला धान खरीदी केंद्र में पदस्थ प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत पर करीब ₹2.54 करोड़ के धान गबन का आरोप लगा है। मामले में सिटी कोतवाली थाना में FIR दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

बता दें कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा मुंगेली में पदस्थ पर्यवेक्षक भरत लाल कौशिक ने इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखित आवेदन में आरोप लगाया है कि आरोपी द्वारा कुल 8216.30 क्विंटल धान की हेराफेरी कर अमानत में खयानत की गई है, जिसकी कुल कीमत ₹2,54,70,530 है।
हथनीकला धान खरीदी केंद्र.

कलेक्टर के निर्देश पर गठित हुई जांच टीम
भरत लाल कौशिक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर (सहकारिता शाखा) मुंगेली द्वारा 30 मार्च 2026 को संयुक्त जांच दल गठित किया गया था। इस जांच दल में नायब तहसीलदार चंदन दुबे, सहकारिता विस्तार अधिकारी मिथलेश साहू, खाद्य निरीक्षक भानूप्रिया नंदकर, जिला सहकारी बैंक सरगांव के पर्यवेक्षक सुनील यादव और मंडी निरीक्षक शुभम पैकरा शामिल थे। टीम ने 8 अप्रैल 2026 को अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की।

भौतिक सत्यापन में सामने आई गड़बड़ी
जांच रिपोर्ट में भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई। ऑनलाइन रिकॉर्ड में 9798.70 क्विंटल धान दर्शाया गया था, जबकि मौके पर केवल 7534 क्विंटल (18835 बोरी) धान ही मिला। इसके अलावा 682.30 क्विंटल का वजन शॉर्टेज पाया गया। इस प्रकार कुल 8216.30 क्विंटल धान की कमी सामने आई, जिसकी कीमत प्रति क्विंटल ₹3100 के हिसाब से ₹2,54,70,530 आंकी गई है।

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धान की किस्म में भी बड़ा अंतर
जांच में यह भी पाया गया कि धान की किस्म में भारी अंतर है। ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार मोटा धान 261.60 क्विंटल और सरना धान 9537.10 क्विंटल दर्ज था, जबकि मौके पर मोटा धान 1260.40 क्विंटल और सरना धान मात्र 322 क्विंटल पाया गया। इस तरह मोटा धान 998.80 क्विंटल अधिक और सरना धान 9215.10 क्विंटल कम मिला।

नियमों का उल्लंघन, सिस्टम से छेड़छाड़ के मिले संकेत
जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं। कंप्यूटर ऑपरेटर की अनुपस्थिति में डेटा एंट्री की गई, जबकि बारदाना प्रभारी की गैरमौजूदगी में धान की लोडिंग और रख-रखाव किया गया। साथ ही आरोपी और उसके पिता द्वारा अनियमित तरीके से कार्य संचालन किए जाने की बात भी सामने आई है।

जांच के दौरान जवाब नहीं देने पर दर्ज हुई FIR
जांच के दौरान आरोपी विक्रम सिंह राजपूत पिछले 3-4 दिनों से अनुपस्थित पाया गया। उसका मोबाइल फोन बंद मिला और घर पर नोटिस चस्पा करने के बाद भी वह उपस्थित नहीं हुआ। इससे जानबूझकर गड़बड़ी करने की आशंका और मजबूत हो गई है। सहायक आयुक्त सहकारिता द्वारा आरोपी को 10 अप्रैल 2026 को अंतिम अवसर देकर जवाब मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद नोडल अधिकारी के निर्देश पर 13 अप्रैल 2026 को सिटी कोतवाली थाना मुंगेली में FIR दर्ज कराई गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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