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बिलासपुर में चुनाव प्रक्रिया पर विवाद: अधिकारी महेश तिवारी को लापरवाही के लिए नोटिस, उठे निष्पक्षता पर सवाल

By Admin|18 Sep 2025, 3:00 PM
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मठाधीश बन गए चुनाव अधिकारी महेश तिवारी.. चुनाव अधिकारी महेश तिवारी पर लापरवाही के आरोप, निर्वाचन प्रक्रिया पर उठे सवाल.. सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं बिलासपुर ने जारी किया नोटिस…

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बिलासपुर
 बिलासपुर प्रेस क्लब के निर्वाचन 2025 को लेकर चुनाव अधिकारी महेश तिवारी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं बिलासपुर ने जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि निर्वाचन संबंधी मामले में प्रस्तुत शिकायतों पर चुनाव अधिकारी की ओर से समय-सीमा में जवाब नहीं दिया गया।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रेस क्लब के निर्वाचन प्रक्रिया में विभिन्न आपत्तियों और शिकायतों को लेकर 09 से 12 सितंबर तक स्मरण पत्र भेजे गए थे, लेकिन नियमानुसार तय अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर सहायक पंजीयक कार्यालय ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए इसे गंभीर त्रुटि माना है।

कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि निर्वाचन अधिकारी की यह लापरवाही पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करती है। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में ऐसे मामलों में लापरवाही पाई जाती है, तो विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्वयं निर्वाचन अधिकारी की होगी।

गौरतलब है कि प्रेस क्लब के चुनाव को लेकर पहले ही कई तरह की शिकायतें उठ चुकी हैं। अब निर्वाचन अधिकारी पर लगे इन आरोपों ने चुनाव की निष्पक्षता पर नई बहस छेड़ दी है।

प्रेस क्लब बिलासपुर के चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए सहायक रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएं, बिलासपुर ने निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए हैं।पंजीकृत नियमावली और अधिनियम की धारा 27 के अनुसार चुनाव कराना जरूरी है।पहले प्राप्त शिकायत आवेदन पत्रों का निराकरण करना होगा, तभी चुनाव की कार्यवाही पूरी की जा सकेगी।चुनाव में पद वही होंगे जो पंजीकृत विधान में दर्ज हैं।

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वर्ष 2023 की सदस्यों की सूची, नियमावली और शिकायत पत्र निर्वाचन अधिकारी को भेज दिए गए हैं। जिसका अब तक निराकरण नहीं हुआ है, चुनाव अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर चुनाव कराते हैं, तो आगे कोई भी कार्रवाई इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।

मतलब साफ है – चुनाव से पहले सभी आपत्तियों का समाधान और नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

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