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राजनांदगांव : शिक्षक बोले- हर 15 दिन में परीक्षा होने से पढ़ाई कम…

By kadwaghut|02 Sep 2026, 11:02 AM
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राजनांदगांव , हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में बार-बार परीक्षा होने से पढ़ाई के लिए मिलने वाला समय कम होने का मुद्दा शिक्षक संगठन ने उठाया है। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने पाक्षिक परीक्षा के बजाय मासिक परीक्षा कराने की मांग की है। मोर्चा का कहना है हर 15 दिन में परीक्षा की तैयारी, आयोजन और मूल्यांकन में समय लगने से शिक्षकों को पाठ्यक्रम पूरा कराने पर्याप्त समय नहीं मिल रहा। इसी तरह स्कूलों में गैर-शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक कार्यों के दबाव को कम करने मांग की गई है।

मोर्चा के जिला संयोजक गोपी वर्मा, विष्णु शर्मा और नीलेश रामटेके के नेतृत्व में डीईओ प्रवास बघेल को 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। स्कूलों की परीक्षा व्यवस्था, शनिवार के स्कूल समय और शिक्षकों के अध्यापन कार्य में आ रही बाधाओं को रखा गया। डीईओ ने निराकरण का आश्वासन दिया है। शिक्षकों ने कहा पाक्षिक की बजाय मासिक परीक्षा होने से पाठ्यक्रम पूरा करने समय मिलेगा। तिमाही, छमाही, वार्षिक परीक्षा स्कूल स्तर पर कराने, शनिवार को हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों की कक्षाएं सुबह लगाने की मांग है। मासिक परीक्षा से अध्यापन के लिए समय मिलेगा, पाठयक्रम और परीक्षा के बाद मूल्यांकन समय पर और बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। गैर-शैक्षणिक गतिविधियों का दबाव घटने से पढ़ाई पर फोकस करेंगे।

मांगें पूरी नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन सौंपने के दौरान शिक्षकों ने शिक्षा विभाग में एनजीओ के बढ़ते हस्तक्षेप को कम करने की मांग की है। इससे अध्यापन कार्य प्रभावित होता है। इसके साथ ही एलबी संवर्ग की संविलियन पूर्व सेवा पुस्तिकाओं के सत्यापन, जीपीएफ पासबुक के संधारण, उच्च परीक्षाओं में शामिल होने की लंबित अनुमति, सेवानिवृत्त व दिवंगत शिक्षकों के पेंशन-ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण के भुगतान की मांग की गई। लंबित नियमितीकरण आदेश जारी करने, लंबित प्रकरणों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन और तालाबंदी की चेतावनी दी है।

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