बिहार / झारखण्डराज्‍य

Bihar में धोखाधड़ी का नया तरीका: बकरी को ‘बकरा’ बनाकर बेचने का फेविक्विक स्कैम उजागर

By Admin|22 Apr 2026, 4:31 PM
f X W

कटिहार.

Advertisement
Advertisement

अगर आप मटन के शौकीन हैं और बाजार से बकरे का मीट खरीदते हैं तो यह खबर आपके होश उड़ा देगी। फलका हाट-बाजार में इन दिनों जालसाजी का एक ऐसा अनोखा तरीका सामने आया है, जिसे सुनकर लोग दंग हैं। यह नहीं कहा जा सकता है यह तरीका सिर्फ फलका तक ही सीमित है।

वैसे फलका के कुछ शातिर कसाई फेविक्विक का इस्तेमाल कर ग्राहकों की आखों में धूल झोंक रहे हैं और 800 रुपये प्रति किलो की दर से बकरी को बकरा का मांस बनाकर बेच रहे हैं।

कैसे हो रहा है फेविक्विक का कमाल
बाजार में बकरे (खस्सी) के मांस की मांग और कीमत ज्यादा होती है। इसी का फायदा उठाने के लिए जालसाज कसाई बूढ़ी बकरियों को काटते हैं और फिर फेविक्विक की मदद से उनके शरीर पर कृत्रिम तरीके से अंडकोष (हाइड्रोसिल) चिपका देते हैं। दूर से देखने पर ग्राहक को लगता है कि वह बकरे का मांस खरीद रहा है, जबकि असल में वह घटिया दर्जे का बकरी का मीट होता है।

पकड़ी गई चोरी, बाजार में मचा हंगामा
इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब कुछ जागरूक ग्राहकों ने मांस खरीदते समय संदेह होने पर उसे खींचकर देखा। फेविक्विक से चिपकाया गया हिस्सा अलग होते ही कसाई की पोल खुल गई। बताया जा रहा है कि फलका हाट व बाजार में इस बात को लेकर कई बार ग्राहकों और बुचर (कसाई) समाज के बीच तीखी झड़प और विवाद भी हो चुका है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ठगी के इस नए तरीके से मटन प्रेमियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने फलका प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि ऐसे कसाइयों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और दुकानों की औचक जांच की जाए।

READ ALSO  मध्यप्रदेश पुलिस की नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
फलका सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डा अश्वनी कुमार ने बताया कि मांस जैसे खाद्य पदार्थ पर फेविक्विक जैसे घातक केमिकल का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह पेट की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins