मध्य प्रदेश

त्यौहारों से पहले सभी गांवों में साफ-सफाई सुनिश्चित हो: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

By Admin|10 Sep 2025, 11:06 AM
f X W

सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर के उन्नयन का प्रभावी माध्यम हैं पंचायतें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Advertisement
Advertisement

ग्राम स्तर पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन कर विकास गतिविधियां की जाएं संचालित
त्यौहारों से पहले सभी गांवों में साफ-सफाई सुनिश्चित हो
नगरों के नजदीकी ग्रामों और ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना विकास प्रबंधन की करें विशेष व्यवस्था
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में देश में मध्यप्रदेश अव्वल
जिन स्व-सहायता समूहों के सभी सदस्य लखपति हैं, उन्हें रोल मॉडल के रूप में किया जाए प्रस्तुत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंचायतें सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर के उन्नयन का प्रभावी माध्यम हैं। शासन की कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन में पंचायतराज संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता और उनकी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आवश्यक है। प्रदेश की सभी पंचायतों में सभी लोगों को मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन कराते हुए विकास गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्यौहारों से पहले सभी गांवों में साफ-सफाई सुनिश्चित करें। साथ ही धार्मिक पर्वों पर होने वाले भंडारों और धार्मिक आयोजनों को प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने में ग्राम पंचायतें पहल करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए हों गतिविधियां संचालित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम स्तर की जरूरतों, प्राथमिकताओं और सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर सहभागी नियोजन और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर कार्य कर रहे पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए भी गतिविधियां संचालित की जाएं। प्रदेश में हो रहे नगरीय विस्तार को देखते हुए नगरों के पास के ग्रामों और ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना विकास प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।

READ ALSO  Teacher Recruitment 2026: वर्ग-1 से 3 तक 18,088 पद खाली, नई भर्ती की तैयारी तेज; जानें पूरा अपडेट

स्वावलंबी गौशालाओं के प्रबंधन का दस्तावेजीकरण किया जाए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे आवासों का निर्माण जलवायु की अनुकूलता और ग्रीष्म ऋतु के प्रभाव का आकलन करते हुए किया जाए। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे पीएम आवास काडिजाइन ऐसा हो, जिससे इनकी विशेष पहचान बनी रहे। उन्होंने कहा कि स्वावलंबी रूप में संचालित हो रही गौशालाओं के प्रबंधन का दस्तावेजीकरण किया जाए तथा अन्य जिलों के गौशाला संचालक भी स्वावलंबी प्रबंधन प्रक्रिया का अनुसरण करें। गौशालाओं के प्रबंधन को धार्मिक संस्थाओं और समाज की दान-पुण्य गतिविधियों से जोड़ा जाए। इसके साथ ही जिन स्व-सहायता समूहों के सभी सदस्य लखपति हैं, उन समूहों को प्रदेश में रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए। स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को एमएसएमई तथा बड़े उद्योग समूहों से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास हो।

परम्परागत आवास निर्माण तकनीकों का कराया रहा रहा है अध्ययन

बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मनरेगा, आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों और उनकी प्रगति पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के अंतर्गत आवास पूर्णता में देश में प्रदेश प्रथम स्थान पर है। योजना के अंतर्गत स्वीकृत 49 लाख 42 हजार आवासों में से 39 लाख 5 हजार आवास पूर्ण हो गए हैं। योजना के अंतर्गत निर्मित हो रहे आवास स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बने, इस उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आवास निर्माण के लिए प्रचलित परम्परागत तकनीकों का भी अध्ययन स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्टिटेक्चर द्वारा कराया गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान सहित जल संरक्षण कार्यों में सामूहिक भागीदारी के बेहतर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। वार्षिक लेबर बजट के अंतर्गत आवास कार्यों से 324 लाख मानव दिवस सृजित किए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान से 350 लाख मानव दिवस सृजित करते हुए 826 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया। मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार देने में देश में प्रथम स्थान पर है।

READ ALSO  जिला अस्पताल में महिला कर्मचारी की शिकायत से मचा हड़कंप

एक बगिया मां के नाम योजना में 5 जिलों ने दर्ज की बेहतर उपलब्धि

बैठक में बताया गया कि एक बगिया मां के नाम योजना के अंतर्गत सिंगरौली, खण्डवा, बैतूल, देवास और आगर-मालवा जिलों ने बेहतर उपलब्धि दर्ज की है। मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों की भूमि पर पौधरोपण के साथ फेंसिंग से पौधों को सुरक्षित रखने में मदद मिली है। प्रदेश में 11 संस्थाओं द्वारा बिना आर्थिक सहायता के 85 गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 5 हजार 393 अद्यतन जल संग्रहण संरचनाएं निर्मित की गईं। योजना से नदी पुनर्जीवन की दिशा में भी खण्डवा जिले में घोड़ापछाड़ नदी और रतलाम जिले में मलेनी नदी पर हुए कार्य से अप्रैल-मई माह तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सफलता मिली है। बेहतर जल प्रबंधन से क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन आय का बेहतर विकल्प सिद्ध हो रहा है और किसान फल-सब्जी उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत अतिरिक्त आय प्राप्त कर रहे हैं।

आजीविका मिशन की गतिविधियों का अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ईप्लेटफार्म तक हुआ विस्तार

आजीविका मिशन के अंतर्गत कृषि और पशुपालन आधारित गतिविधियों से 30 लाख और गैर कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों से 11 लाख परिवार जुड़े हैं। लखपति दीदी इनिशिएटिव के अंतर्गत 11 लाख 26 हजार दीदीयों ने उपलब्धि दर्ज कराई है। आजीविका मिशन की गतिविधियों का विस्तार अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ईप्लेटफार्म तक भी हुआ है। बैठक में एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, स्व-सहायता समूहों और प्रायवेट कम्पनी/स्टार्टअप के माध्यम से पार्टनरशिप के लिए की जा रही पहल की भी जानकारी दी गई।

READ ALSO  मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीं जन्माष्टमी की मंगलकामनाएं

नवीन अटल सेवा सदन और अटल ई-सेवा केन्द्र स्थापना का कार्य जारी

बैठक में बताया गया कि सभी पंचायतों में भवन उपलब्ध कराने के लिए नवीन अटल सेवा सदन का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर अटल ई-सेवा केन्द्र स्थापना, प्रदेश के प्रत्येक ग्राम के शमशान घाट तक पहुंच मार्ग और शमशान घाट की व्यवस्था की दिशा में कार्य जारी है। सभी ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत यूपीआई आधारित भुगतान प्राप्ति व्यवस्था स्थापित की गई है। उल्लेखनीय है कि ऑनलाइन कर अधिरोपण और संग्रहण प्रबंधन प्रणाली 2021 से लागू है। पंचायतों द्वारा आदर्श सौर ग्राम-पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, मुख्यमंत्री दुग्ध प्रदाय योजना, स्वच्छ भारत मिशन तथा ग्रामीण अभियांत्रिकी योजना की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई।

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins