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CG : सिल्क समग्र-2 योजना से धमतरी के ग्रामीणों को मिल रहा आत्मनिर्भरता का नया आधार

By lokesh sharma|08 May 2026, 4:22 PM
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शहतूत खेती, कृमिपालन और धागाकरण से बढ़ रही किसानों एवं महिलाओं की आय

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  •  विशेष लेख: एस.आर. पाराशर 

धमतरी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और किसानों को परंपरागत खेती के साथ आय के नए विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में धमतरी जिले में सिल्क समग्र-2 योजना प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा प्रवर्तित यह महत्वाकांक्षी योजना रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन करने तथा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिले में अब तक 37 किसानों का चयन कर शहतूत पौधरोपण का कार्य सफलतापूर्वक कराया जा चुका है, जिससे रेशम उत्पादन के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं।


   सिल्क समग्र-2 योजना मुख्य रूप से लघु एवं सीमांत किसानों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। ऐसे कृषक जिनके पास 5 एकड़ से कम कृषि भूमि है, वे अपनी एक एकड़ भूमि में शहतूत की खेती कर कृमिपालन के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार किसान वर्षभर में 5 से 6 बार कृमिपालन कर सकते हैं तथा प्रत्येक चक्र में लगभग 30 से 40 हजार रुपये तक की आय प्राप्त कर सकते हैं। खर्चों की कटौती के बाद एक किसान प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकता है।


   योजना के अंतर्गत चयनित किसानों को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। पौधरोपण और सिंचाई व्यवस्था के लिए 60-60 हजार रुपये, कृमिपालन गृह निर्माण हेतु 3 लाख 25 हजार रुपये तथा कीटपालन उपकरण एवं सामग्री के लिए 55 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। इस प्रकार प्रत्येक हितग्राही किसान को लगभग 5 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें 80 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार एवं 20 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है।
   रेशम विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, समय-समय पर मार्गदर्शन तथा आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि वे वैज्ञानिक पद्धति से कृमिपालन कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं तथा युवा वर्ग भी इस व्यवसाय की ओर आकर्षित हो रहा है।

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   धमतरी जिले में टसर कृमिपालन योजना भी ग्रामीणों के लिए आजीविका का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। जिले के शासकीय टसर विकास केन्द्र बिरेझर में वर्तमान में 20 से अधिक हितग्राही टसर कृमिपालन कार्य से जुड़े हुए हैं। ये हितग्राही प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर अपने परिवार का जीवन-यापन बेहतर तरीके से कर रहे हैं। टसर कृमिपालन से न केवल आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक वन आधारित आजीविका को भी नया संरक्षण मिल रहा है।
   इसके साथ ही शासकीय टसर विकास केन्द्र बिरेझर में टसर कोसा घीचा धागाकरण का कार्य भी प्रगति पर है। इस कार्य से ग्राम की लगभग 15 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो घर के कार्यों के अतिरिक्त समय निकालकर धागाकरण कार्य कर रही हैं। इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 12 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। महिलाओं की यह सहभागिता ग्रामीण महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायी उदाहरण बन रही है। अतिरिक्त आय के माध्यम से महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।


    कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि सिल्क समग्र-2 योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ वैकल्पिक आय के साधनों को बढ़ावा देना वर्तमान समय की आवश्यकता है और रेशम उत्पादन इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। कलेक्टर ने बताया कि जिले में अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने यह भी कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण युवाओं को रेशम उत्पादन और धागाकरण गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जाएगा।
   जिले में सिल्क समग्र-2 योजना के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। किसानों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए यह योजना आत्मनिर्भरता, रोजगार और आर्थिक समृद्धि का नया माध्यम बनकर उभर रही है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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