छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : टंकी फुल कराने की होड़… 5 घंटे में खप गया 2 दिन का कोटा, कई पंप अब ड्राई …

राजनांदगांव l पेट्रोल-डीजल के संकट की अफवाह से लोग डर गए हैं। पंपों में जरूरत से अधिक खरीदी हो रही है। इसके चलते कई पंपों में 2 दिन का स्टॉक महज 5 घंटे में खत्म हो गया। जिले के करीब 13 पेट्रोल पंप शुक्रवार को ड्राइ हो गए हैं। हालांकि पेट्रोलियम कंपनियों से लगातार आपूर्ति हैं। अफवाह और डर की वजह से लोग जरूरत से अधिक खरीदी कर रहे हैंं। हर वाहन चालक पंपों में टंकी फुल करवा रहा है। इससे खपत तीन से चार गुना तक बढ़ गई है।

प्रशासनिक अपील पर भी अफवाह और डर भारी पड़ रही है। जिले में शुक्रवार को स्थिति और चिंताजनक हो गई। लोग सुबह से ही पंप में पेट्रोल लेने जुट गए। इससे पंपों में लंबी-लंबी कतार लगी रही। शाम होने से पहले ही शहर के पांच से अधिक पंप ड्राई हो गए। ज​बकि अलग-अलग हिस्सों में मौजूद कुल 13 पंपों में दोपहर तक स्टॉक खत्म होने की सूचना सामने आई। हालांकि पंपों का ड्राई होना सिर्फ अस्थाई है। पेट्रोलियम कंपनियों से आपूर्ति लगातार बनी हुई है। जिला प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल का संकट नहीं हैं। लोग जरूरत के मुताबिक ही खरीदी करें।

जिले में 6.50 लाख लीटर पेट्रोल का स्टॉक फूड आफिसर रविंद्र सोनी ने बताया कि जिले के 130 पेट्रोल पंपों में वर्तमान में 6.50 लाख लीटर पेट्रोल मौजूद है। वहीं 6.55 लाख लीटर डीजल की भी उपलब्धता है। यह 5 दिनों के औसत बिक्री से कहीं अधिक है। जबकि आपूर्ति लगातार बनी हुई है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की कमी की कोई स्थिति नहीं हैं। दो दिनों में अफवाह की वजह से लोगों ने जरूरत से अधिक पेट्रोल-डीजल खरीदा हैं। इसकी वजह से कुछ पंपों में कृत्रिम संकट खड़ा हुआ है। पंप संचालकों ने बताया कि आपूर्ति लगातार बनी हुई है।

औसत बिक्री के हिसाब से ही आपूर्ति करेंगी कंपनियां पेट्र​ोलियम कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि पंपों को उनके औसत बिक्री के मुताबिक ही पेट्रोल-डीजल दिया जाएगा। जिले में 130 के करीब पेट्रोल पंप हैं। इनमें शहरी क्षेत्र की औसत बिक्री 2000 लीटर और ग्रामीण इलाकों की 1200 लीटर प्रतिदिन हैं। बताया गया कि कंपनियों ने सामान्य दिनों की औसत बिक्री के हिसाब से ही आपूर्ति की जानकारी दी है।

कहीं लिमिट तय, तो कहीं ​बोतलों-ड्रम पर प्रतिबंध अचानक पेट्रोल की खरीदी बढ़ते देख पेट्रोल पंप संचालकों ने भी स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया है। इसके लिए खुद ही लिमिट भी तय कर दिया है। कई पंप ऐसे हैं, जहां अधिकतम 200 से 300 रुपए के ही पेट्रोल ​दिए जा रहे हैं। वहीं कुछ पेट्रोल पंप संचालकों ने बोतलों में पेट्रोल नहीं देने का बोर्ड चस्पा कर दिया हैं। इस दौरान ग्रामीण इलाकों में ड्रमों में स्टॉक की स्थिति बन गई थी। जिसे भी प्रशासन ने प्रतिबंधित किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button