
राजनांदगांव : एक समूह की खाद लेने की बाध्यता, दुकानों से खरीदना मजबूरी…
राजनांदगांव , खरीफ सीजन के लिए समितियों से खाद का भंडारण और वितरण शुरू किया गया है। लेकिन वितरण करने विभिन्न तरह की खाद का चार समूह बनाया गया है। इसमें किसानों को केवल किसी एक समूह को चुन कर सिर्फ उसी समूह की खाद लेने की बाध्यता रहेगी। दूसरे समूह की खाद नहीं ले पाएंगे। ऐसे में किसानों को मांग और जरूरत अनुरूप खाद नहीं मिल रही। जिलेभर के किसानों को मजबूरी में निजी कृषि केन्द्रों से यूरिया, डीएपी जैसी खाद महंगे दामों में खरीदनी पड़ रही है।
खाद वितरण करने ग्रुप 1 में डीएपी, यूरिया एमओपी है। ग्रुप 2 में यूरिया, एसएसपी, एमओपी है। ग्रुप 3 में एनपीके, यूरिया एवं एमओपी को रखा गया है। ग्रुप 4 में कॉम्पलेक्स, यूरिया, एमओपी को रखा गया है। एक ग्रुप की खाद दूसरे ग्रुप में शामिल नहीं की गई है। इस प्रति एकड़ धान सिंचित, असिंचित, दलहन-तिलहन फंसले, मक्का के लिए किसानों को 1 बैग या 2 बैग और आधा बैग की सीमा तय है। किसी एक ग्रुप का चुनाव करने पर किसानों को यूरिया ज्यादा तो डीएपी कम कहीं डीएपी ज्यादा तो यूरिया कम मिल रही है। जारी गाइड लाइन ग्रुप के अनुसार सप्ताहभर पहले वितरण शुरू हुआ।
इसे लेकर आंदोलन की तैयारी में किसान संघ जिला किसान संघ के प्रमुख सुदेश टीकम का कहना है एक मई को किसानों की मांगों और समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया था। समूह के हिसाब से खाद लेने की बाध्यता के विरोध में 15 मई को बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। किसानों मांग अनुरूप खाद नहीं मिलने की शिकायतें मिल रही है। छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम ने खरीफ सीजन के लिए दर लागू कर बीजों के दाम बढ़ाए है, जिससे कृषि लागत बढ़ेगी। आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
रकबा के हिसाब से खाद वितरण करने के निर्देश जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अफसरों का कहना है खरीफ सीजन को देख कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने सहकारी समितियों से किसानों को खाद वितरण करने निर्देश दिए है। किसानों को रकबा और कृषि विश्व विद्यालय की अनुशंसा पर खाद उपलब्ध कराया जाएगी। खाद का विक्रय पीओएस मशीन से कर स्टॉक की जानकारी रोज अपडेट की करने कहा गया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय ने फसलवार उर्वरक संयोजन तैयार कर समितियों में प्रदर्शित करने निर्देश दिए हैं।


