
राजनांदगांव : लोक अदालत में 2.64 लाख केस निपटे, 31 अरब का समाधान भी…
राजनांदगांव , राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वावधान में नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। आयोजन वर्चुअल व भौतिक माध्यम से भी हुआ। नेतृत्व प्रधान जिला न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विजय कुमार होता ने किया। लोक अदालत के लिए कुल 2 लाख 63 हजार 133 प्रकरण चिन्हित किए गए थे। जिले में 44 खंडपीठों का गठन किया गया।
लोक अदालत में कुल 2 लाख 64 हजार 739 मामलों का निराकरण हुआ। इनमें 2 लाख 63 हजार 133 मामले प्री-लिटिगेशन चरण के रहे। 3 हजार 162 मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित रहे। निराकरण से 31 अरब 11 करोड़ 56 लाख 70 हजार 937 रुपए की राशि का निपटान हुआ। सुनवाई में आपराधिक राजीनामा योग्य प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, चेक अनादरण प्रकरण व वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, बैंक ऋण वसूली, कर वसूली के मामले, बिजली बिल के मामले, टेलीफोन बिल के मामले आए। साथ ही आपसी समझौता योग्य मामले भी आए।
इसमें बड़ी संख्या में पक्षकार पहुंचे। कई पक्षकारों ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाया। कई लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली। कुटुम्ब न्यायालय के एक मामले में पदमा टेकाम ने पति संदीप टेकाम के विरुद्ध भरण-पोषण का आवेदन दिया था। विवाह के बाद विवाद बढ़ा था, दोनों अलग रह रहे थे। लोक अदालत में समझौता हुआ। प्रकरण आपसी सहमति से समाप्त हुआ। एक अन्य वैवाहिक प्रकरण में रितेश कुमार गुप्ता व निकिता के बीच विवाद लंबित था। लोक अदालत में राजीनामा हुआ। दोनों ने साथ रहने पर सहमति दी। विवाद समाप्त हुआ।
राजीनामा के आधार पर कर्ज से मिली मुक्ति नेशनल लोक अदालत के आयोजन अवसर पर न्यायालय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार होता के न्यायालय में अनावेदक अनुज राम, पिता- फुलसिंग वर्मा, पता- बोरीमंडला, खैरागढ़ के विरूद्ध बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा प्री-लिटिगेशन वाद अनावेदक से 452991 रुपए की वसूली के लिए प्रस्तुत किया गया। लोक अदालत में उभयपक्ष के मध्य उपरोक्त राशि के एवज में समझौते के आधार पर 217000 रुपए नगदी के हस्तांतरण उपरांत प्रकरण को आपसी सुलह समझौते के आधार पर मामला निपटा।



