राजनांदगांव , बोरतलाव क्षेत्र में मुरुम खदान की डबरी में डूबने से तीन बच्चों की मौत के मामले में अब तक नामजद एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। इसकी बड़ी वजह खनिज विभाग की ओर से पुलिस को अब तक संबंधित ठेकेदार और खनन की वैधानिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराना बताया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नामजद अपराध दर्ज किया जाना है, लेकिन इसके लिए खनिज विभाग से यह जानकारी जरूरी है कि संबंधित स्थल पर किसके नाम से खनन स्वीकृत था, खनन की जिम्मेदारी किसकी थी और मौके पर सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की स्थिति क्या थी। खनिज विभाग से यह रिपोर्ट अब तक पुलिस को नहीं मिलने से विवेचना की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पुलिस संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करेगी।
इधर आदिवासी समाज ने दी सहायता राशि इधर आदिवासी समाज ने परिजनों को सहायता राशि दी है। समाज के पदाधिकारियों ने रविवार को परिजनों से मुलाकात की। उन्हें ढांढ़स बंधाया और सभी ने मिलकर अपनी ओर से आर्थिक सहायता दी है। प्रशासन ने भी चार-चार लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान कर दी है। दूसरी ओर जांच कमेटी बनाई है, ताकि जिम्मेदारों पर कड़ा एक्शन हो सके।
