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Animal Husbandry: गर्मी के मौसम में दूध बढ़ाने समय रहते किसान करे ये उपाय, मात्र 10 दिन में बहेगी दूध की नदियां, जाने ट्रिक

Animal Husbandry: गर्मी के मौसम में, अगर पालतू जानवर तेज़ी से सांस लेने लगें, मुंह से बहुत ज़्यादा लार टपकने लगे, सुस्त दिखें, या बेचैन लगें, तो इन लक्षणों को किसी भी हाल में नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। ये सभी संकेत बताते हैं कि जानवर ‘हीट स्ट्रेस’ (गर्मी के तनाव) से पीड़ित है, और उसकी हालत बिगड़ सकती है।

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आमतौर पर, गायों और भैंसों के शरीर का तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। अक्सर, जानवर अपना खाना कम कर देता है या पूरी तरह से खाना बंद कर देता है—इस लक्षण को एक गंभीर चेतावनी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में जानवरों में ‘हीटस्ट्रोक’ (लू लगना), ‘डिहाइड्रेशन’ (शरीर में पानी की कमी), और ‘ब्लोट’ (पेट फूलना) जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।

Animal Husbandry: हीटस्ट्रोक होने पर

हीटस्ट्रोक से प्रभावित जानवर सुस्त हो जाते हैं और अक्सर अपना सिर नीचे झुकाकर रखते हैं। उनके मुंह से लगातार लार टपकती रहती है, जबकि उनकी सांस लेने की गति और शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा, दूध का उत्पादन और पेशाब की मात्रा—दोनों ही कम हो जाते हैं। नाक और नथुने सूख जाते हैं, और शरीर का बढ़ा हुआ तापमान दिमाग पर बुरा असर डालता है। गंभीर मामलों में, यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है।

Animal Husbandry: जानवरों की देखभाल के सुझाव

हीटस्ट्रोक होने पर, जानवर को तेज़ बुखार हो सकता है, वह ज़ोर-ज़ोर से हांफने लग सकता है, और उसकी आंखें लाल हो सकती हैं। छूने पर उसका शरीर बहुत ज़्यादा गर्म लगेगा। इसके विपरीत, अगर समस्या ‘डिहाइड्रेशन’ (शरीर में पानी की कमी) की है, तो जानवर कमज़ोर और बेजान हो जाएगा, और उसकी आंखें अंदर की ओर धंसी हुई दिख सकती हैं।

Animal Husbandry: ठंडी और छायादार जगह

ऐसी स्थितियों में, जानवर को तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाना चाहिए। उसके शरीर पर ठंडा पानी छिड़कना चाहिए, और उसे पीने के लिए भरपूर मात्रा में साफ पानी उपलब्ध कराना चाहिए। इसके अलावा, यह बेहद ज़रूरी है कि आप तुरंत किसी स्थानीय पशु चिकित्सक से संपर्क करें, ताकि जानवर को सही समय पर उचित चिकित्सा उपचार मिल सके।

Animal Husbandry: पशु विशेषज्ञों की सलाह

गर्मी के मौसम में जानवरों की देखभाल में की गई लापरवाही के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जानवरों को हमेशा छाया में रखें, उनके रहने की जगह (शेड) में हवा आने-जाने का उचित इंतज़ाम रखें, और उन्हें पूरे दिन साफ ​​और ठंडा पानी पीने के लिए उपलब्ध कराएं।

Animal Husbandry: हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन

इसके अलावा, जानवरों को हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन देना चाहिए, ताकि उनका पाचन तंत्र स्वस्थ रहे और वे तंदुरुस्त बने रहें। विशेषज्ञ इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि गर्मी के मौसम में मृत जानवरों के निपटान (लाश को ठिकाने लगाने) के मामले में भी पूरी सावधानी बरतना बेहद ज़रूरी है। यदि किसी मृत जानवर को तुरंत हटाया न जाए और उसका ठीक से निपटान न किया जाए, तो इससे संक्रमण फैल सकता है और अन्य जानवर भी बीमार पड़ सकते हैं।

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Animal Husbandry: जानवरों की देखभाल के सुझाव:

जानवरों के बाड़े की छत को चारे, घास या फूस से ढककर ठंडा रखें। जानवरों को सुबह और शाम नहलाएँ, और यह सुनिश्चित करें कि आप उनके सिर पर पानी डालें; दिन के समय, उनके सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखी जा सकती है। उनके आहार में सांद्रित भोजन (concentrates) का अनुपात अधिक रखें, और यह सुनिश्चित करें कि उनके चारे में नमक, खनिज लवण और विटामिन शामिल हों। इसके अतिरिक्त, जानवरों को दिन में 3–4 बार साफ और ठंडे पानी से नहलाएँ।

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