छत्तीसगढ़बिलासपुर जिला

CG : पहले भरोसा जीता फिर गायब कर दिए जेवर, ठगी का नया तरीका…

By kadwaghut|13 Sep 2026, 1:32 PM
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बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जेवर ठगने वाले गिरोह के मामले सामने आए हैं। मंगला की पं. दीनदयाल उपाध्याय कॉलोनी में शुक्रवार सुबह दो बाइक सवार बदमाश जेवर चमकाने के नाम पर दो घरों से करीब साढ़े तीन तोला सोना और चांदी के गहने लेकर फरार हो गए। वहीं, सरकंडा में बाजार गई एक बुजुर्ग महिला को दो ठगों ने बेटे की तबीयत खराब होने का झांसा दिया। इसके बाद सोने के जेवर दोगुने करने का लालच देकर ठगों ने महिला से गहने ले लिए और बदले में कागज की गड्डी थमा दी। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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मंगला की दीनदयाल कॉलोनी की स्मिता तिवारी शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे घर के सामने बनी दुकान पर बैठी थीं। तभी बाइक से दो युवक वहां पहुंचे और सिगरेट पीने लगे। उन्होंने महिला से बातचीत शुरू की और बताया कि वे बर्तन और जेवर चमकाने का पाउडर बेचते हैं। भरोसा जीतने के लिए उन्होंने पहले एक बर्तन चमकाकर दिखाया। इसके बाद उन्होंने एक बुजुर्ग महिला के चांदी के जेवर उतरवाकर चमकाए और फिर उन्हें वापस पहना दिया। इसी दौरान पड़ोस की एक रिश्तेदार भी वहां आ गई। ठगों की बातों में आकर एक महिला ने तीन तोला सोने की चेन और दूसरी महिला ने आधा तोला सोने का जेवर चमकाने के लिए दे दिया। ठगों ने गहनों को एक टिफिन में रखा और महिलाओं से कहा कि इसे किचन में ले जाकर थोड़ा गर्म कर लाएं। जब महिलाओं ने टिफिन खोलकर देखा तो अंदर से गहने गायब थे।

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डिब्बे में जेवर न पाकर महिलाएं तुरंत बाहर आईं और ठगों से गहने वापस मांगे। पोल खुलते ही दोनों बदमाश महिलाओं को धक्का देकर भागने लगे। एक महिला ने उन्हें पकड़ने की कोशिश भी की, इस खींचतान में एक ठग अपना जूता वहीं छोड़कर साथी के साथ बाइक पर फरार हो गया। दोनों ठग करीब पौन घंटे तक घर पर बैठे थे। उनकी हरकतों से महिलाओं को उनके ठग होने का शक भी हो गया था। उस समय घर पर कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। ऐसे में महिलाएं घबरा गईं। जेवर मांगने और विरोध करने के बावजूद बदमाश हाथापाई कर आसानी से भाग निकले।

घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। उन्होंने जल्दबाजी में एक फुटेज से बाइक सवार दो संदिग्धों की फोटो निकालकर पुलिस को दे दी। पुलिस ने फुटेज के आधार पर उन दोनों युवकों को पकड़ लिया। लेकिन पूछताछ और जांच में पता चला कि वे कॉलोनी में ही किराए पर रहने वाले नाबालिग छात्र हैं और पूरी तरह निर्दोष हैं। पीड़ितों की इस गलत जानकारी से पुलिस गुमराह हो गई और जांच भटक गई। अब पुलिस नए सिरे से असली ठगों की तलाश में जुट गई है।

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