मध्य प्रदेशराज्‍य

उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें, मुख्यालय छोड़ने से पहले लेनी होगी अनुमति

By Admin|05 Jun 2026, 10:52 AM
f X W

मॉनसून में उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के सभी प्रबंध करें

Advertisement
Advertisement

अनुमति उपरांत ही मुख्यालय छोड़ें कार्मिक

भोपाल

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के जिलों में विद्युत आपूर्ति और ऑपरेशन एंड मेन्टीनेंस से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे नियंत्रणकर्ता अधिकारी से अनुमति लेकर ही कार्यस्थल / मुख्यालय छोड़ें। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि प्री-मॉनसून बारिश की बौछारें शुरू हो गईं हैं और अनेक बार आँधी और चक्रवाती तूफान और प्राकृतिक आपदा को देखते हुए कंपनी के मैदानी अफसरों से कहा गया है कि वे विद्युत आपूर्ति और रखरखाव तथा ऑपरेशन्स को देखते हुए सतर्कता और सजगता से काम करें। कोई कार्मिक अवकाश पर जाता है तो उसके स्थान पर वैकल्पिक कार्मिक की तैनाती की व्यवस्था पहले से ही करें। कंपनी ने कहा है कि गत वर्षों में पूरे जून माह की शिकायतों के आकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि इस दौरान कॉल सेन्टर में एफओसी (विद्युत अवरोध) से संबंधित उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत शिकायतों की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए काल सेन्टर के ऑपरेशनल एवं सुपरवाइजरी स्टॉफ को और अधिक सजगता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने सभी मैदानी कार्मिकों को उपभोक्ताओं को अनवरत् और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में विद्युत आपूर्ति बहाल रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। किसी भी आकस्मिक स्थिति में उपभोक्ता कंपनी के कॉल सेन्टर नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं। 

READ ALSO  गोशालाओं को अब संरक्षण के साथ बनाया जाएगा आत्मनिर्भरता का मॉडल

मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा है कि आपदा के समय संपर्क करने के लिये लाइनमैनों के मोबाइल नंबर आदि की जानकारी अपडेट रखी जाए। मैदानी अधिकारियों से कहा गया है कि वे जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से सपंर्क और समन्वय बनाये रखें।

बारिश के दौरान इन बातों का रखे ध्यान

मॉनसूनी मौसम के दौरान हवा में नमी के कारण करंट लगने की आशंका ज्यादा रहती है। करंट से लोगों की मौत हो जाती है। लेकिन ज्यादातर मौतों को टाला जा सकता है। ज्यादातर मौतें घरों में अर्थिंग नहीं होने या कमजोर अर्थिंग की वजह से होती है। अर्थिंग या तो स्थानीय स्रोत से प्राप्त की जा सकती है या घर पर ही गहरा गढ़डा खोदकर खुद बनाई जा सकती है।

    बारिश में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें 

         घर में अर्थिंग की उचित व्यवस्था करें।

         हरे रंग के तार को हमेशा याद रखें। इसके बिना कभी बिजली उपकरण का प्रयोग न करें। खास कर जब यह पानी के स्रोत को छू रहा हो। पानी करंट के प्रवाह की गति को बढ़ा देता है, इसलिए नमी वाले माहौल में अतिरिक्त सावधानी रखें।

         दो पिन वाले बिना अर्थिंग के उपकरणों का प्रयोग न करें।

         तीन पिन वाले प्लग का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि तीनों तार जुड़े हों और पिनें खराब न हों।

         तारों को सॉकेट में लगाने के लिए माचिस की तीलियों का प्रयोग न करें।

READ ALSO  ग्वालियर की सड़कों पर आवारा गोवंश बना खतरा, चरनोई जमीनों से अतिक्रमण हटाने की मांग

         किसी भी तार को तब तक न छुएं, जब तक बिजली बंद न कर दी गई हो ।

         अर्थिग के तार को न्यूट्रल के विकल्प के तौर पर प्रयोग न करें।

         सभी जोड़ों पर बिजली वाली टेप लगाएं, न कि सेलोटेप या बेंडेड ।

         गीज़र के पानी का प्रयोग करने से पहले गीज़र बंद कर दें।

         हीटर प्लेट का प्रयोग नंगी तार के साथ न करें।

         घर पर सूखी रबर की चप्पलें पहनें।

         घर पर मिनी सर्किट ब्रेकर और अर्थ लीक सर्किट ब्रेकर का प्रयोग करें।

         मेटलिक बिजली उपकरण पानी के नल के पास न रखें।

         रबर के मैट और रबर की टांगों वाले कूलर स्टैंड बिजली उपकरणें को सुरक्षित बना सकते हैं।

         केवल सुरक्षित तारें और फ्यूज का ही प्रयोग करें।

         अर्थिंग की जांच हर छह महीने में करते रहें।

         किसी भी आम टेस्टर से करंट के लीक होने का पता लगाया जा सकता है।

         फ्रिज के हैंडल पर कपड़ा बांध कर रखें।

         प्रत्येक बिजली उपकरण के साथ बताए गए निर्देश पढ़ें।

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins