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एमपी में मानसून मेहरबान! ग्वालियर-चंबल में भारी बारिश, भिंड रेड अलर्ट पर; अब तक सामान्य से 10% ज्यादा वर्षा

By Admin|09 Jul 2026, 4:04 PM
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भोपाल 

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मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे ग्वालियर-चंबल संभाग में आज भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। खासतौर पर भिंड जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि आसपास के जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। उज्जैन और सागर संभाग के जिलों में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

उत्तरी मध्य प्रदेश में आफत की बारिश: इन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट'

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश का उत्तरी हिस्सा पूरी तरह तरबतर रहेगा. भारी तबाही की आशंका को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट  जारी किया गया है. इनमें मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर-मालवा और रतलाम जिले शामिल हैं। 

ऑरेंज अलर्ट के अलावा प्रदेश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. मौसम विभाग ने इन नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जिले में इसकी संभावना जताई है। 

इसके अलावा राजधानी भोपाल समेत महाकौशल और निमाड़ अंचल के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। 

यहां बारिश का अनुमान
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ में हल्की बारिश देखने को मिलेगी. इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास जिले भी शामिल हैं. इसके अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा और सतना भी हल्की बारिश वाले जिले रहेंगे। 

अलर्ट और संभावित प्रभाव

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मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक:

    रेड अलर्ट: भिंड (अत्यधिक भारी बारिश की आशंका)।
    ऑरेंज अलर्ट: मोरेना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर मालवा और रतलाम।
    भारी बारिश: नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जैसे जिलों में।

कल की बारिश का हाल
कल कई जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे सड़कें जलभराव से प्रभावित हुईं और नदियां-नाले उफान पर आ गए। कुछ इलाकों में शिक्षक और आम लोग बाढ़ वाले क्षेत्रों से गुजरने को मजबूर हुए। कई जगहों पर यातायात बाधित रहा।

आज भोपाल समेत कई जगह बारिश गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में पानी गिरेगा।

शाजापुर में नाला पार कर स्कूल पहुंचे टीचर इससे पहले बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर रहे। सेंधवा में ग्रामीण अंचलों के नदी-नाले उफान पर होने से जनजीवन प्रभावित रहा। शाजापुर में टीचर जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते नजर आए। रतलाम में अंडर ब्रिज पर पानी भर गया।

मौसम विभाग के अनुसार, दमोह में पौने 2 इंच, नर्मदापुरम में 1.1 इंच, खजुराहो-टीकमगढ़ में पौन इंच, जबलपुर, खरगोन-बैतूल में आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। दतिया, धार, ग्वालियर, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, बालाघाट, मंदसौर, शाजापुर, पन्ना, बड़वानी, देवास, सीहोर में भी बारिश हुई।

बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट देखी गई। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में इंदौर में सबसे कम 28 डिग्री, जबलपुर में 28.5 डिग्री, उज्जैन में 29.2 डिग्री, ग्वालियर में 29.7 डिग्री और भोपाल में 30.4 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान सीधी में 33.6 डिग्री और सबसे कम छिंदवाड़ा में 25.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

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प्रदेश में 10 प्रतिशत बारिश ज्यादा प्रदेश में इस बार पूरे जून मूहीने आंधी-बारिश का दौर रहा। बावजूद इसके कोटे से 30 प्रतिशत पानी कम बरसा, लेकिन जुलाई के 8 दिनों ने यह कोटा न सिर्फ पूरा कर दिया, बल्कि 10 प्रतिशत ज्यादा पानी बरसा दिया।

आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश में अब तक कुल 223.7 मिमी यानी, करीब 9 इंच पानी गिर चुका है। यह सामान्य बारिश 202.5 मिमी (8.1 इंच) से 10 प्रतिशत ज्यादा है। पूर्वी हिस्से में 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 30 प्रतिशत पानी ज्यादा गिरा है।

जून में कम बारिश, जुलाई में बढ़ा मौसम विभाग के अनुसार, जून में कम बारिश हुई है, लेकिन जुलाई से काफी उम्मीदें हैं। इस महीने पूरे मानसून की एक तिहाई बारिश का ट्रेंड है। जैसे- भोपाल में 39 इंच सामान्य बारिश है तो 14 इंच बारिश जुलाई में होती है। बड़े शहरों में जबलपुर ही ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा 17 इंच से ज्यादा बारिश होती है। जुलाई के महीने में ही प्रदेश में कोटे की 40 प्रतिशत तक बारिश होती है।

बारिश का कुल आंकड़ा
जून में बारिश की कमी के बावजूद जुलाई की शुरुआत में स्थिति सुधर गई है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 10 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। पश्चिमी हिस्सों में यह बढ़त और भी ज्यादा है, जबकि पूर्वी क्षेत्र अभी थोड़ा पीछे हैं। देवास जिले में इस सीजन में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है।

बारिश से दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर और भोपाल जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।

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