छत्तीसगढ़बिलासपुर जिला

एक और झटका: कानन पेंडारी जू ने खोई बाघिन रागिनी

By Admin|16 Dec 2025, 7:31 PM
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बिलासपुर

बिलासपुर के कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क की 22 साल की बाधिन रागिनी ने दम तोड़ दिया है. रागिनी वर्ष 2018 में रायपुर के नंदन वन जंगल सफारी से एक्सचेंज के तहत कानन पेंडारी लाई गई थी. रागिनी को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से रेस्क्यू किया गया था. वह उम्रदराज हो चुकी थी और पिछले सात वर्षों से पार्क के अस्पताल परिसर के केज में रखी गई थी. जू प्रशासन के अनुसार, जब रागिनी को 11 अगस्त 2018 को नंदन वन जंगल सफारी, रायपुर से कानन पेंडारी लाया गया था, तब जांच में सामने आया कि उसके के-नाइन दांत नहीं थे.

इसी कारण वह कच्चा मटन नहीं खा पाती थी, और उसे रोजाना 5 से 6 किलो बारीक कीमा बनाकर दिया जाता था. पशु चिकित्सकों की सतत निगरानी और विशेष देखभाल के चलते रागिनी सात साल तक जीवित रही. वह ऑस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी से भी पीड़ित थी, जिसमें हड्डियों की संरचना प्रभावित हो जाती है. मृत्यु के बाद जिला स्तर की पशु चिकित्सक समिति ने पोस्टमार्टम किया. इस दौरान जू प्रशासन और नेचर क्लब बिलासपुर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.

गौरतलब है कि काजीरंगा क्षेत्र में रागिनी और उसके तीन साथी बाघों ने लंबे समय तक आतंक फैला रखा था. रेस्क्यू के बाद तीन बाघों को गुवाहाटी जू भेजा गया, जबकि रागिनी को छत्तीसगढ़ लाया गया था. उसके साथ लाए गए बाघ शिवा की वर्तमान उम्र करीब 15 वर्ष बताई जा रही है. इस तरह कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क ने एक उम्रदराज और दुर्लभ बाधिन को खो दिया है.

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बाघ आकाश और शेर भीम ने तोड़ा था दम

इससे पहले कानन पेंडारी जू के एक बाघ और शेर की मौत हुई थी. 5 मार्च, 2025 को शेर भीम की मौत हुई थी. वहीं 21 अप्रैल, 2025 में बाघ आकाश की तबियत बिगड़ने से मृत्यु हो गई थी.

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