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संवेदनशील शासन की मिसाल: जनदर्शन में मुख्यमंत्री ने मौके पर सुलझाईं समस्याएँ

By kadwaghut|08 Jan 2026, 9:30 PM
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लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद ही सुशासन की वास्तविक कसौटी है। 

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘जनदर्शन’ के माध्यम से अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा सुनते हुए न केवल उसकी समस्या को समझ रहे हैं, बल्कि मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। लोगों की जरूरतों, मांगों और तकलीफों के प्रति यह संवेदनशील और त्वरित दृष्टिकोण यह स्पष्ट करता है कि संवेदनशीलता ही सुशासन के केंद्र में है। जब जन आकांक्षाओं को मुख्यमंत्री की सहृदयता से दिशा मिलती है, तब अंत्योदय की संकल्पना साकार होती है। 

राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री के शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन आज सेवा, संवेदना और समाधान का सजीव उदाहरण बन गया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्त हुए।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के दूर-दराज़ अंचलों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही स्पष्ट निर्देश दिए। कई जरूरतमंदों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, जिससे यह संदेश और मजबूत हुआ कि जन सरोकारों से जुड़ी समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की राह: जीवन में लौटी गतिशीलता

आज के जनदर्शन ने कई दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद जगाई। रायपुर के खमतराई निवासी श्री जीवन दास मानिकपुरी और आरंग के श्री भारत साहू को मुख्यमंत्री द्वारा बैटरीचलित ट्राइसिकल प्रदान की गई। ट्राइसिकल पाकर उनके चेहरे पर आत्मनिर्भरता की मुस्कान स्पष्ट झलक रही थी। अब उन्हें आवागमन के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसी तरह रायपुर के चंदू यादव और सुमन साहू को ट्राइसिकल एवं व्हीलचेयर प्रदान की गई। वहीं, सुनने की क्षमता खो चुके सागर नायक और उमेश पटेल को तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे वे फिर से दुनिया की आवाज़ें सुन सकेंगे।

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लकवा पीड़ित बसंती को इलाज के लिए मिली 5 लाख रुपए की सहायता

जनदर्शन में महासमुंद जिले के ग्राम बड़ेटेमरी की श्रीमती बसंती साव की बड़ी उम्मीद आज पूरी हुई। पैरों से लकवाग्रस्त बसंती ने अपने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता और पारिवारिक स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अधिकारियों को तत्काल निर्देशित कर मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए की राशि स्वीकृत कराई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बसंती को शासन से 75 हजार रुपए की सहायता मिल चुकी है। इस त्वरित निर्णय से बसंती और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली।

60 वर्षीय हनुमंत राव को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

जनदर्शन में रायपुर के तात्यापारा निवासी 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक श्री हनुमंत राव की समस्या का भी मौके पर ही समाधान हुआ। माता-पिता के निधन के बाद राशन कार्ड की पात्रता को लेकर परेशान श्री राव ने मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा बताई। मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और उपस्थित अधिकारियों को तत्काल राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए, जिससे वे अब शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

तीन दिव्यांगों को 20-20 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता

मुख्यमंत्री श्री साय ने सूरज नगर लाभांडी, रायपुर निवासी 17 वर्षीय दिव्यांग राज शर्मा को दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण 20 हजार रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इसके साथ ही श्री फूल गिरी गोस्वामी को पुत्री के विवाह हेतु 20 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई। रायगढ़ निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद को उच्च शिक्षा के लिए भी मुख्यमंत्री द्वारा 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता तत्काल स्वीकृत की गई।

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जनदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह केवल आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आम जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद नागरिक को अनावश्यक भटकना न पड़े।

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