राजनांदगांव : मृतकों के नाम से गैस कनेक्शन, सरेंडर करने के खौफ में 10 हजार से ज्यादा ई-केवाईसी है पेंडिंग…

राजनांदगांव , एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ सकती है। इसकी अंतिम तिथि 16 अगस्त तय की गई है। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले ग्राहकों को 17 अगस्त से घरेलू कीमत पर सिलेंडर नहीं मिल पाएगा। करीब 40 हजार की ई-केवाईसी पेंडिंग दिख रही जबकि 10 हजार उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर ई-केवाईसी की समस्या विशेष रूप से सामने आई है। शहर की गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अपडेट कराने के निर्देशित किया गया है।
साल 2022 से इसके लिए कवायद चल रही है। ई-केवाईसी को लेकर गैस कंपनियां लंबे समय से उपभोक्ताओं को फोन और मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजकर सूचना देने का दावा कर रही है। अब तय समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं करने वालों को घरेलू कीमत पर सिलेंडर नहीं देने की जानकारी सामने आ रही है। शहर और जिले में चल रही सभी एजेंसियों पर अपने अधी उपभोक्ताओं की 16 अगस्त से पहले ई-केवाईसी कराने दबाव बना रही है। इसमें गैस कनेक्शन सरेंडर करना पड़ेगा यही बात सामने आ रही, जबकि नाम ट्रांसफर का विकल्प है। हर एजेंसी में 2 से 3 हजार ई-केवाईसी पेंडिंग है।
सभी गैस एजेंसियों में पहुंचकर रोज औसत 100 उपभोक्ता इसकी जानकारी ले रहे सभी गैस एजेंसियों में रोज 100 उपभोक्ता इसकी जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। इसमें पिता से पुत्र, पति से पत्नी के नाम पर गैस कनेक्शन ट्रांसफर कराने का विकल्प दिया जा रहा है। इसमें नामांतरण और फोटो कॉपी जैसी मामूली खर्च करनी पड़ेगी। लेकिन उपभोक्ता ई-केवाईसी नहीं करा कर वापस लौट जाते हैं। इसका प्रमुख कारण एक घर में मृतकों के नाम से स्वयं के नाम से कनेक्शन चल रहे हैं।
इस आधार पर कालाबाजारी हो रही, गैस टंकियां दूसरों को बेच रहे, अभी 25 दिन बाद नंबर लगाने के नियम में यह ज्यादा हो रहा है। वे कनेक्शन सरेंडर नहीं करना चाहते। विभागीय स्तर पर भी ई-केवाईसी कराने निर्देशित किया जाता रहा है। इसमें उपभोक्ताओं का ही फायदा होगा। अब ऑयल कंपनियों को एजेंसी संचालकों को ई-केवाईसी कराने कहा है।
अन्य रिश्तेदारों के नाम से ट्रांसफर करने का कोई विकल्प नहीं रहेगा इसमें बेटियों, बहुओं, भाइयों के नाम, बड़े पिता के बेटों के नाम, मामा, मौसी, बुआ के नाम अन्य रिश्तेदारों के नाम कनेक्शन ट्रांसफर का विकल्प नहीं रहेगा। ई-केवाईसी नहीं होने पर 10 केजी का सिलेंडर 1700 और 17 केसी का 2400 रुपया तक लेना पड़ सकता है। इंडेन गैस एजेंसी के संचालक नरेन्द्र डाकलिया ने बताया उपभोक्ता नियमों का पालन करें, पांच साल में पाइप, रेगुलेटर बदलें एजेंसियों के माध्यम से बदलें, एजेंसी के अधिकृत व्यक्ति से जांच कराएं एजेंसी में इसकी एंट्री कराएं तो 62 लाख के बीमा का प्रावधान है। हादसा होने पर वहां मौजूद 15 लोगों में मृतकों को 6 लाख, घायलों का इलाज कराने 2 लाख का प्रावधान है।
उज्ज्वला कनेक्शन धारियों को सब्सिडी का नुकसान उज्ज्वला योजना के तहत 14.2 किलो सिलेंडर लेने वाले उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी नहीं कराने पर आर्थिक नुकसान हो सकता है। सामान्य एलपीजी उपभोक्ताओं को सरकार से करीब 64 रुपए की सब्सिडी मिलती है, जबकि उज्ज्वला कनेक्शन धारियों को करीब 375 रुपए की सब्सिडी मिलती है। ई-केवाईसी लंबित रहने पर सब्सिडी का लाभ प्रभावित हो सकता है। समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर उपभोक्ता को सिलेंडर की कीमत और सब्सिडी, दोनों स्तर पर आर्थिक असर पड़ सकता है।



