मध्य प्रदेश

सांस्कृतिक पुनर्जीवन में महत्वपूर्ण कदम: 10वीं शताब्दी की गौरी कामदा स्टोन डस्ट कास्टिंग

By Admin|07 Dec 2025, 9:32 AM
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10वीं शताब्दी की धरोहर गौरी कामदा की स्टोन डस्ट कास्टिंग का सांस्कृतिक पुनर्जीवन

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गोहर महल में 8 से 10 दिसंबर तक हस्त शिल्प हैकेथॉन में शामिल होगी प्रविष्टि

भोपाल
रफतांड रीजन स्टार्टअप नर्मदापुरम द्वारा 10वीं शताब्दी की दुर्लभ ऐतिहासिक मूर्ति गौरी कामदा की स्टोन डस्ट कास्टिंग के माध्यम से भारतीय धार्मिक और शिल्प विरासत को पुनर्जीवित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास किया गया है। यह कास्टिंग केवल एक प्रतिकृति नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक स्मृति का पुनर्संस्कार है। गोहर महल में 8 से 10 दिसंबर तक हस्त शिल्प हैकेथॉन में यह प्रविष्टि शामिल होगी।

यह कलाकृति धार्मिक आस्था, पुरातात्त्विक महत्व और समकालीन डिज़ाइन का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है। बीजावाड़ा क्षेत्र जिला देवास की मूल 10वीं शताब्दी की प्रतिमा से प्रेरित यह 15 x 6 इंच आकार की कास्टिंग उस कालखंड की सौंदर्य चेतना, मूर्तिकला परंपरा और आध्यात्मिक भावनाओं को आज के समय में पुनः प्रासंगिक बनाती है।

इस पहल का उद्देश्य केवल एक ऐतिहासिक कला रूप को संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि उसे समकालीन सांस्कृतिक, संग्रहणीय और डिज़ाइन स्पेस में स्थापित करना भी है। यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों को भारत की मूर्तिकला परंपरा से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

गौरी कामदा की यह पुनर्रचना उस दृश्य भाषा को पुनर्जीवित करती है जो समय के साथ विस्मृत हो चुकी थी। यह कलाकृति न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि शिल्प कौशल, शोध और समर्पण की भी सजीव मिसाल है।

संचालनालय  हस्तशिल्प एवं हाथकरघा के स्टार्ट अप प्रतियोगिता आयोजन, सांस्कृतिक नवाचार भारतीय हस्तशिल्प, विरासत संरक्षण और रचनात्मक उद्योगों के लिए एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में सामने आया है।

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राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह 8-14 नवंबर 2025 के एक भाग के रूप में और माय हैंडीक्राफ्ट माय प्राउड तथा माय प्रोडक्ट माय प्राउड के समन्वय में, कोलार डायनेमिक्स स्टार्टअप ने मध्यप्रदेश के कारीगरों के साथ मिलकर एक विशेष ब्रास म्यूज़िशियन सेट तैयार किया है। यह चार टुकड़ों वाली पीतल की कलाकृति है जिसकी चौड़ाई 20 इंच और लंबाई 6 इंच है। शहनाई और तबले पर प्रस्तुति देते दो पुरुष और दो महिला कलाकारों को दर्शाते हुए, यह कृति ग्वालियर घराने की समृद्ध संगीत विरासत का सार प्रस्तुत करती है। इस सांस्कृतिक धरोहर को कला, हस्तशिल्प और शास्त्रीय संगीत के वैश्विक प्रशंसकों तक पहुँचाने में गर्व महसूस करते हैं।

 

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