राजनांदगांव : दर्द कम करने का एकमात्र उपाय है संयम और आराधना: समयप्रभ…

राजनांदगांव , ज्ञान वल्लभ उपाश्रय भवन में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन में शनिवार को खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर के शिष्य समयप्रभ सागर ने कहा कि आपको लगता है कि जीवन आसान है किंतु यह बहुत कठिन है। पैसा जहां सुविधाओं को एकत्र करने में सहायक होता है, वहीं कमजोरी को ढंकने का प्रयास भी करता है।
मनुष्य की धन व शक्ति के प्रति आसक्ति होती है। धन व शक्ति प्राप्त करने के लिए मनुष्य लगा रहता है। कभी-कभी तो वह इसके लिए अपना विनय भी खो देता है। कहा कि परमात्मा ने विनय-विनम्र रहने का संदेश दिया है। हम धैर्यवान बनें, विनयवान बने। हम अक्सर दर्द का रोना रोते रहते हैं और अपने दर्द की बात दूसरों को भी सुनाते रहते हैं लेकिन क्या इससे दर्द कम होता है, इससे दर्द कभी कम नहीं हो सकता। दर्द कम करने के लिए संयम आराधना ही एकमात्र उपाय है। सांसारिक लोग दुखी हैं। दुख केवल संयम से ही दूर किया जा सकता है।
प्रकृति से जुड़ने का प्रयास करो: मुनि श्री ने कहा कि किसी भी कार्य को सोचे बिना तुरंत शुरू कर देना नुकसान दे सकता है। धैर्यवान व्यक्ति कभी परिणाम को सोचे बिना कोई काम नहीं करता। संयम आराधना से ही आप धैर्यवान बन सकते हैं। पशु पक्षियों के बारे में कहा कि वह प्रकृति से जुड़े रहते हैं इसलिए प्रकृति के परिवर्तन का अनुमान लगा लेते हैं। यही कारण है कि उन्हें खतरे का संकेत पहले मिल जाता है। कहा कि आप भी प्रकृति से जुड़ने का प्रयास करो और अपना धैर्य बनाए रखो।




