बिहार / झारखण्डराज्‍य

बच्चों की निजता से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त, बिहार के सरकारी शिक्षकों पर सोशल मीडिया को लेकर सख्ती

By Admin|05 Nov 2026, 1:52 PM
f X W

पटना
राज्य के सरकारी विद्यालयों में अब शिक्षक और कर्मचारी रील बनाकर इंटरनेट मीडिया पर अपलोड नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों के परिसरों में शिक्षकों और अन्य कर्मियों द्वारा रील बनाने, वीडियो शूट करने और बिना अनुमति इंटरनेट मीडिया पर अपलोड करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। 

विभाग ने इसे सरकारी सेवक आचरण नियमावली के विरुद्ध माना है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय ने बुधवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है। आदेश का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दी गई है।

बच्चों की निजता और जीवन के अधिकार का उल्लंघन 
विभाग ने स्पष्ट किया है कि पढ़ाई के दौरान बच्चों के साथ रील बनाना और उसे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करना उचित नहीं है। इससे बच्चों की निजता और जीवन के अधिकार का उल्लंघन होता है। 

शिक्षकों, खासकर महिला शिक्षकों द्वारा पढ़ाते समय रील बनाना न्यायोचित नहीं है। इससे सरकारी कार्य प्रभावित होता है। साथ ही, विद्यालय परिसर में सरकारी कर्मियों की ओर से इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर बनने की कोशिश पर भी आपत्ति जतायी गई है।

सोशल मीडिया अभियान चलाना प्रतिबंधित
विभाग ने बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 तथा बिहार सरकारी सेवक आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, राजनीतिक, धार्मिक, जाति या उपजाति आधारित प्रचार के लिए सोशल मीडिया अभियान चलाना प्रतिबंधित है। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

READ ALSO  योगी सरकार में संस्कृति और युवा शक्ति के संगम का मंच बना 'सनातन शंखनाद', आगरा में उमड़ा युवाओं का हुजूम

15 अगस्त और 26 जनवरी के कार्यक्रमों के लिए भी अनुमति जरूरी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मी नियंत्रक पदाधिकारी की लिखित पूर्व अनुमति से ही इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल कर सकेंगे। 

15 अगस्त, 26 जनवरी के सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पौधरोपण, रक्तदान, अंगदान और स्वच्छता अभियान जैसे सामाजिक कार्यों की रील या रिकार्ड भी अनुमति मिलने के बाद ही बनाया और प्रसारित किया जा सकेगा। गणमान्य व्यक्तियों के औचक निरीक्षण से संबंधित कार्यक्रमों का वीडियो बनाने के लिए भी पूर्व अनुमति जरूरी होगी।

पढ़ाई के दौरान बाहरी लोगों की एंट्री पर भी रोक
आदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य के दौरान बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश पर भी रोक लगायी गई है। शिक्षकों को राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा के विपरीत कोई भी सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करने को कहा गया है। 

इसके अलावा अश्लील, आपत्तिजनक, अपमानजनक, धमकी भरी और बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वाली सामग्री पोस्ट करने या रील बनाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

2

Back to top button