मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश की सड़कों में होगा बड़ा बदलाव, तीन साल में बदलेगा पूरा रोड नेटवर्क- मंत्री राकेश सिंह

By Admin|18 Dec 2025, 6:06 PM
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अगले तीन वर्षों में बदलेगा मध्यप्रदेश का सड़क मानचित्र : लोक निर्माण मंत्री सिंह

विभाग की पत्रकार वार्ता में आगामी तीन वर्षों की महत्वाकांक्षी विकासात्मक कार्ययोजना की दी गई जानकारी

भोपाल

लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश की सड़क अवसंरचना की वर्तमान स्थिति तथा आगामी तीन वर्षों (2025–2028) की महत्वाकांक्षी विकासात्मक कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश की सड़कें अब केवल आवागमन का साधन नहीं रहीं, बल्कि आर्थिक विकास, निवेश आकर्षण और नए अवसरों की सुदृढ़ आधारशिला के रूप में स्थापित हो रही हैं।

मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में अगले तीन वर्षों में 3,368 किलोमीटर लंबी छह प्रमुख एक्सप्रेस-वे एवं प्रगतिपथ परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इनमें नर्मदा प्रगतिपथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा–निमाड़ विकासपथ, अटल प्रगतिपथ, बुंदेलखंड विकासपथ और मध्य भारत विकासपथ शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत ₹36,483 करोड़ है और अधिकांश परियोजनाओं को जून 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इनके पूरा होने से यात्रा समय में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार तथा औद्योगिक, कृषि और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

राष्ट्रीय राजमार्गों के क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों की जानकारी देते हुए मंत्री सिंह ने बताया कि एनएचएआई द्वारा लगभग ₹28,000 करोड़ की लागत से 948 किलोमीटर नए राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित किए जाएंगे। इससे प्रदेश की अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स क्षमता और औद्योगिक निवेश को मजबूती मिलेगी।

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मंत्री सिंह ने 1,770 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और मेगा कॉरिडोर परियोजनाओं को प्रदेश की आर्थिक धारा को गति देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर–नागपुर, इंदौर–भोपाल, जबलपुर–भोपाल जैसे रणनीतिक कॉरिडोर प्रदेश के विकास को नई दिशा देंगे। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहाँ एनएचएआई के सहयोग से टाइगर कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना सड़क विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन का अनूठा उदाहरण बनेगी।

टाइगर कॉरिडोर की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए मंत्री सिंह ने बताया कि यह देश का पहला राज्य-स्तरीय मल्टी-नेशनल पार्क टाइगर कॉरिडोर है, जिसका विकास एनएचएआई और पीडब्लूडी के समन्वय से किया जा रहा है। इसमें वन क्षेत्रों में अंडरपास, स्लो-ट्रैफिक ज़ोन और वाइल्डलाइफ-सेफ डिज़ाइन को अपनाया जाएगा, जिससे टाइगर मूवमेंट, पर्यटन और स्थानीय कनेक्टिविटी के बीच संतुलन सुनिश्चित होगा। साथ ही इससे इको-टूरिज़्म और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

सड़क विकास निगम की परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए मंत्री सिंह ने बताया कि अगले तीन वर्षों में HAM मॉडल के अंतर्गत अनेक परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं। इनमें अगले छह महीनों में ही 285 किलोमीटर लंबाई की पाँच प्रमुख परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत ₹15,000 करोड़ है। ये परियोजनाएँ क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स, कृषि और व्यापार को नई गति प्रदान करेंगी।

ग्रामीण कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देते हुए मंत्री सिंह ने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में 11,310 किलोमीटर लंबी 822 नई ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा, ताकि प्रदेश का हर गाँव राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जुड़ सके।

मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सरकार का संकल्प गुणवत्तापूर्ण निर्माण, समयबद्धता और अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है। लोक निर्माण विभाग की यह दूरदर्शी कार्ययोजना मध्यप्रदेश में गति, सुरक्षा और समृद्धि के नए युग की नींव रखेगी।

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