उत्तर प्रदेशराज्‍य

भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने का हो रहा है कुत्सित प्रयास: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

By Admin|31 Oct 2026, 6:02 PM
f X W

जातिवाद और जिन्नावाद का मुकाबला मिलकर करना होगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर लखनऊ के जीपीओ स्थित पटेल पार्क में मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री योगी ने दिलाई राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ, 'पटेल स्मारिका 2026' का किया विमोचन

भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने का हो रहा है कुत्सित प्रयास: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

‘हर जनपद में सरदार पटेल 'एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन' गठन, कोई युवा नहीं रहेगा बेरोजगार’

धारा 370 दफन कर प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने पूरा किया सरदार पटेल का सपना

लखनऊ
 जो लोग जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं, वे कभी लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते। सरदार पटेल का सच्चा अनुयायी वही हो सकता है जिसके मन में राष्ट्रवाद का भाव हो और जो भारत की एकता, सुरक्षा व संप्रभुता को सर्वोपरि रखता हो। समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने का प्रयास करने वाले विभाजनकारी तत्व देश की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर आक्रांताओं को आमंत्रित करते हैं। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ के जीपीओ स्थित पटेल पार्क में 'लौह पुरुष', 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए यह ओजस्वी विचार व्यक्त किए। इस दौरान उन्होंने पटेल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 2014 के बाद से पूरा देश 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मना रहा है। इस वर्ष सरदार पटेल की 151वीं जयंती विशेष है, क्योंकि डबल इंजन की सरकार उनके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए हर जनपद में एक 'एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन' का गठन करने जा रही है। इसका शुभारंभ आज ही होने जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश का कोई भी युवा बेरोजगार नहीं रहेगा और उसकी स्किलिंग व रोजगार की व्यवस्थित व्यवस्था होगी।

READ ALSO  मुख्यमंत्री ने इंदौर से वीसी के माध्यम से कटनी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को किया संबोधित

सरदार पटेल की विराट प्रतिमा उनके विराट व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करती है 

सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जन्म गुजरात के एक छोटे से गांव करमसद, नडियाद में हुआ था। आज प्रधानमंत्री मोदी दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के रूप में गुजरात के केवड़िया में सरदार सरोवर के तट पर उनकी स्मृतियों को जीवंत कर रहे हैं। यह विशाल प्रतिमा उनके उस विराट व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करती है, जिन्होंने 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का अभिन्न हिस्सा बनाया था।

नेहरू ने अपने पास रखा कश्मीर और वहां हुआ कत्लेआम 

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता के समय जूनागढ़ और हैदराबाद रियासतों की आनाकानी का जिक्र करते हुए बताया कि जब सरदार पटेल ने सख्त चेतावनी दी कि 'बातों से नहीं मानोगे तो हमें दूसरा तरीका भी अपनाना आता है', तो जूनागढ़ का नवाब अपने बच्चों तक को छोड़कर पाकिस्तान भाग गया। इसी तरह, हैदराबाद का निजाम जो हिंदुओं, सिखों, बौद्धों और जैनियों का कत्लेआम और धर्मांतरण कराता था, उसे भी लौह पुरुष की चेतावनी के बाद भागने पर मजबूर होना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कश्मीर मुद्दे पर तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि नेहरू ने कश्मीर का मामला अपने पास रखा, जिसके परिणामस्वरूप कबाइलियों के हमले में पाक अधिकृत कश्मीर आज भी पाकिस्तान के कब्जे में है और वहां हिंदुओं व सिखों का व्यापक कत्लेआम हुआ।

धारा 370 दफन कर मोदी-शाह ने साकार किया पटेल का सपना 

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के कड़े विरोध के बावजूद पंडित नेहरू ने कश्मीर में धारा 370 लागू करने का पाप किया। लेकिन 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के शिल्पी प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह ने धारा 370 को सदैव के लिए दफन कर दिया और कश्मीर को लखनऊ व उत्तर प्रदेश की तरह ही भारत का पूर्ण हिस्सा बना दिया। अब भारत में दो कानून नहीं चलेंगे, बल्कि एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान ही चलेगा। यही सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का भारत है।

READ ALSO  नदियों और तालाबों में गंदा पानी छोड़ने पर राज्य होंगे जवाबदेह, NGT ने तीन राज्यों से मांगा कार्रवाई का ब्योरा

जातिवाद व क्षेत्रवाद समाज की प्रतिरोधक क्षमता करते हैं कमजोर 

राष्ट्रीय एकता को मिल रही चुनौतियों पर आगाह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर बंटते हैं, तो समाज की स्टेमिना और प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है। ठीक उसी तरह जैसे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर बीमारियां घेर लेती हैं। यही कमजोरियां आक्रांताओं को हमला करने के लिए आमंत्रित करती हैं। उन्होंने आह्वान किया कि भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने और देश की एकता व अखंडता को चुनौती देने वाले कुत्सित प्रयासों का मिलकर मुकाबला करना ही सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

गणमान्य रहे उपस्थित

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने विधायक शशांक वर्मा और उनके स्वर्गीय पिता पटेल रामकुमार वर्मा के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विधायक शशांक वर्मा ने प्रसिद्ध चित्रकार शैलेंद्र उत्तम द्वारा गेहूं के दाने से निर्मित सरदार पटेल का एक अद्भुत चित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने अन्य अतिथियों के साथ 'पटेल स्मारिका 2026' का विमोचन भी किया। समारोह में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, गिरीश यादव, सरदार बलदेव सिंह औलख, कैलाश राजपूत, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल और राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल सहित अनेक गणमान्य लोगों ने लौह पुरुष की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

2

Back to top button