छत्तीसगढ़

बलौदाबाजार में लोक कलाकारों ने बिखेरी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा, सुआ नृत्य ने जीता दिल

By Admin|31 Oct 2026, 4:11 PM
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बलौदा बाजार.

दीपावली त्योहार नजदीक आते ही, छत्तीसगढ़ की महिलाओं में पारंपरिक सुआ नृत्य को लेकर उत्साह देखने को मिलता है. ग्रामीण क्षेत्रों में जब महिलाएं खेती किसानी के कामों से निवृत्त हो जाती है, तो वह सुआ नृत्य के माध्यम से आशीर्वाद प्रदान करने निकलती हैं.

बलौदाबाजार के नगर भवन में दो दिवसीय सामूहिक सुआ संदेश का आयोजन किया गया, जिससे इस संस्कृति से देश सहित विदेश के लोग भी परिचित हो सके. जिला स्तरीय सामूहिक सुआ नाच में बलौदाबाजार-भाटापारा के साथ-साथ रायपुर और अन्य क्षेत्रों से महिलाओं की टीम पहुंची, जिन्होंने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दी. इस दौरान लोगों में पारंपरिक लोकनृत्य को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष डॉ. अजय यादव, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत यदु और नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन शामिल हुए. अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ की परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों को जरूरी बताया.

सुआ संदेश कार्यक्रम आयोजक डॉ. चांदनी चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से इसका आयोजन किया गया है. इसमें बलौदाबाजार के अलावा रायपुर सहित अन्य जिलों के प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया. इसके साथ ही अंचल के लोगों में अपनी संस्कृति को जानने और समझने के प्रति खासा उत्साह देखने को मिला. आयोजक डॉ. देवेश वर्मा ने कहा कि सुआ नृत्य का वास्तविक समय दीपावली से पहले का होता है. इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए इस समय आयोजन किया गया है. नवरात्रि के दौरान भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए हैं, लेकिन सुआ नृत्य के पारंपरिक आयोजन होने से लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दिया.

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मुख्य अतिथि अमित बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार को इस तरह के आयोजन कार्तिक माह से राज्योत्सव तक कराना चाहिए. बलौदाबाजार नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने भी कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपरा और संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए ऐसे आयोजन लगातार होने चाहिए.

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