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CG : पुलिस स्मृति दिवस पर CM विष्णु देव साय ने वीर शहीदों को किया नमन, रायपुर में विशेष परेड …

By kadwaghut|21 Oct 2026, 10:39 AM
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रायपुर : देश की सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस जवानों की स्मृति में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के माना स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) की चौथी वाहिनी परिसर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड में शामिल हुए। यह आयोजन कर्तव्य की राह में शहीद हुए पुलिस अधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस, वीरता और सेवा भावना को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल के बलिदान को याद करना और देश की सुरक्षा के प्रति जवानों की प्रतिबद्धता का सम्मान करना है। पुलिस स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पूरे देश में मनाया जाता है।

माना स्थित चौथी वाहिनी परिसर में पुलिस स्मृति दिवस परेड रायपुर के माना स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी वाहिनी परिसर में पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में शामिल होकर पुलिस जवानों के शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति सम्मान व्यक्त किया। पुलिस स्मृति दिवस सुरक्षा बलों के लिए विशेष महत्व रखता है। यह दिन उन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की याद में समर्पित है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इस अवसर पर पुलिस बल के अनुशासन, समर्पण और कठिन परिस्थितियों में निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों का भी स्मरण किया जाता है।

क्यों मनाया जाता है 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस? पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास 21 अक्टूबर 1959 की घटना से जुड़ा हुआ है। उस दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारतीय पुलिस दल पर चीनी सैनिकों ने हमला किया था। इस घटना में दस पुलिस जवानों ने देश की सुरक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था। इन वीर जवानों की स्मृति में हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दिन देशभर में पुलिस स्मारकों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम और स्मृति परेड आयोजित की जाती हैं।

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छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों का महत्वपूर्ण योगदान छत्तीसगढ़ में पुलिस और सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को लंबे समय तक गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इन क्षेत्रों में तैनात अनेक जवानों ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में 17 अक्टूबर को शहीद जवानों को समर्पित संदेश में कहा था कि बस्तर में शांति स्थापित करने और आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए बलिदान देने वाले जवानों का शौर्य और त्याग हमेशा याद रखा जाएगा।

शहीद परिवारों का त्याग भी अविस्मरणीय पुलिस स्मृति दिवस केवल पुलिस जवानों की शहादत को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के त्याग और संघर्ष का सम्मान करने का भी दिन है। कर्तव्य निभाते हुए किसी जवान की शहादत उसके परिवार के लिए अपूरणीय क्षति होती है। शहीद जवानों के परिवारों का योगदान भी देश की सुरक्षा व्यवस्था से गहराई से जुड़ा है। ऐसे परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता व्यक्त करना पुलिस स्मृति दिवस की महत्वपूर्ण भावना है। छत्तीसगढ़ में भी शहीद जवानों की स्मृति में समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पुलिस जवानों की निष्ठा से मजबूत होती है सुरक्षा व्यवस्था प्रदेश में शांति और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने में पुलिस जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, आपातकालीन परिस्थितियों और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में पुलिस बल निरंतर सक्रिय रहता है। दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात जवानों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पुलिस स्मृति दिवस जवानों की सेवाओं और उनके योगदान के प्रति समाज का सम्मान व्यक्त करने का अवसर भी है। नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं वीर जवानों का बलिदान पुलिस स्मृति दिवस पर आयोजित परेड नई पीढ़ी को देशभक्ति, अनुशासन और सेवा भावना का संदेश देती है। देश की सुरक्षा में अपने जीवन का बलिदान देने वाले जवानों की कहानियां युवाओं को कर्तव्य और जिम्मेदारी का महत्व समझाती हैं। छत्तीसगढ़ के अनेक युवा पुलिस और सुरक्षा बलों में शामिल होकर देश की सेवा करने की तैयारी करते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उन्हें पुलिस बल के इतिहास और जवानों के बलिदान के बारे में जानने का अवसर मिलता है। पूरे देश में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश देने वाली एक मोटरसाइकिल रैली का आयोजन भी निर्धारित था। इसमें विभिन्न राज्यों और केंद्रीय सुरक्षा बलों की भागीदारी की व्यवस्था की गई थी। वीर जवानों का बलिदान हमेशा रहेगा स्मरणीय रायपुर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर बनी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति ने इस आयोजन के महत्व को रेखांकित किया। पुलिस स्मृति दिवस का संदेश है कि देश की सुरक्षा, सामाजिक शांति और नागरिकों के संरक्षण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले जवानों का योगदान हमेशा सम्मानपूर्वक याद रखा जाए।

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