छत्तीसगढ़बालोद जिला

CG : 28 सितंबर को नौकरी के लिए निकले थे मजदूर, अब सुरक्षित वापसी की गुहार …

By kadwaghut|13 Oct 2026, 10:59 AM
f X W

बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से मानव तस्करी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नौकरी दिलाने के नाम पर दो मजदूरों को पहले नागपुर ले जाने का झांसा दिया गया और फिर तमिलनाडु पहुंचा दिया गया। आरोप है कि वहां दोनों मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, मजदूरों को छोड़ने के बदले परिजनों से पैसों की मांग भी की गई। परिजनों ने डर के चलते 16 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, लेकिन इसके बाद भी मजदूरों को नहीं छोड़ा गया। अब परेशान परिजनों ने कलेक्टर और एसपी से गुहार लगाई है। वहीं, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

दरअसल, बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम करहीभदर निवासी संपत चतुर्वेदी और राकेश खत्री को अच्छी तनख्वाह पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। आरोप है कि गुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम नंगझर निवासी चंद्रेश ठाकुर ने दोनों मजदूरों को नागपुर की एक बिस्किट फैक्ट्री में काम दिलाने का भरोसा दिया था। 28 सितंबर को दोनों मजदूर बेहतर कमाई की उम्मीद में घर से निकले, लेकिन उन्हें नागपुर के बजाय तमिलनाडु ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि वहां दोनों को बंधक बनाकर बोरवेल से जुड़े काम कराने के साथ गाय-बकरियां चराने का काम भी कराया जा रहा है। आरोप है कि रकम मिलने के बाद भी दोनों मजदूरों को नहीं छोड़ा गया और परिजनों को दोबारा धमकियां दी जा रही हैं। राकेश खत्री की पत्नी पद्मा बाई और संपत चतुर्वेदी की पत्नी कौशल्या चतुर्वेदी ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और बालोद कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

READ ALSO  ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में छत्तीसगढ़ का बड़ा सुधार, भूमि उपयोग नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव

परिजनों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करते हुए दोनों मजदूरों को तमिलनाडु से सुरक्षित वापस लाने की मांग की है। वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के अनुसार, शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल, बालोद के दोनों मजदूर तमिलनाडु में कहां हैं और किन परिस्थितियों में हैं, यह स्पष्ट होना बाकी है। नौकरी के नाम पर दूसरे राज्य ले जाने, बंधक बनाने और पैसे मांगने के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button