छत्तीसगढ़

CG : महतारी वंदन योजना से सरिता के सिलाई कार्य को मिला आर्थिक संबल, परिवार की आजीविका में बन रहीं सहभागी …

By kadwaghut|12 Oct 2026, 1:09 PM
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अम्बिकापुर। घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ अपने हुनर से आय अर्जित कर रहीं महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक सहारे का माध्यम बन रही है।

सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत मेंड्रा कला की सरिता तिग्गा इसका उदाहरण हैं। वे घर पर सिलाई का काम कर परिवार की आमदनी में योगदान दे रही हैं। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि का उपयोग सिलाई के लिए धागा एवं अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने में करती हैं। इससे उन्हें अपना काम जारी रखने में सुविधा मिल रही है और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में भी सहयोग मिल रहा है।

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत सरिता तिग्गा की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ उनके स्वरोजगार को भी सहारा दे रही है।

मजदूरी से चलता है परिवार, सिलाई से अतिरिक्त आय जुटा रहीं सरिता

सरिता तिग्गा बताती हैं कि उनके पति सोमसाय तिग्गा मजदूरी करते हैं। परिवार में तीन बच्चे हैं, जिनके पालन-पोषण और घरेलू जरूरतों की जिम्मेदारी दोनों मिलकर निभाते हैं। पति की मजदूरी से होने वाली आय के साथ सरिता घर पर सिलाई का काम करती हैं। इससे उन्हें परिवार की आमदनी में अपना योगदान देने का अवसर मिलता है।

उन्होंने बताया कि घर पर सिलाई का काम करने के लिए समय-समय पर धागा एवं अन्य सामग्री खरीदनी पड़ती है। सीमित आय वाले परिवार में इन छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी राशि की व्यवस्था करना आवश्यक होता है। महतारी वंदन योजना से नियमित आर्थिक सहायता मिलने के कारण अब वे सिलाई सामग्री खरीदने के लिए इस राशि का उपयोग कर पा रही हैं।

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सरिता के लिए महतारी वंदन योजना से मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक राशि उपयोगी साबित हो रही है। वे इस राशि को केवल घरेलू खर्च में उपयोग करने के बजाय अपने सिलाई कार्य में भी लगा रही हैं। इससे सिलाई के लिए जरूरी सामग्री की उपलब्धता बनी रहती है और वे घर से ही काम कर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं।

सरिता का कहना है कि सिलाई का हुनर उनके लिए परिवार की आय में योगदान देने का माध्यम है। योजना से मिलने वाली सहायता ने इस काम को जारी रखने में सहयोग दिया है। पति की मजदूरी और स्वयं के सिलाई कार्य से प्राप्त आय के सहारे वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं।

घर की जिम्मेदारियों के साथ स्वरोजगार से जुड़ीं सरिता

तीन बच्चों की देखभाल और घरेलू कार्यों के बीच सरिता घर पर ही सिलाई करती हैं। इससे उन्हें परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ अपनी मेहनत से आमदनी प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके इस प्रयास में सहायक बन रही है।

सरिता बताती हैं कि योजना का लाभ मिलने से उन्हें सिलाई कार्य के लिए आवश्यक सामान खरीदने में सुविधा हुई है। उनके लिए प्रतिमाह मिलने वाली सहायता परिवार की आर्थिक जरूरतों के साथ स्वरोजगार को बनाए रखने का भी महत्वपूर्ण साधन है।

योजना से महिलाओं को मिला आर्थिक सहारा, सरिता ने जताया आभार

महतारी वंदन योजना से मिल रहे लाभ पर खुशी व्यक्त करते हुए सरिता तिग्गा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि इस सहायता से उन्हें अपने सिलाई कार्य को जारी रखने में सहयोग मिल रहा है।

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सरिता तिग्गा की सफलता की कहानी बताती है कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं के हुनर और मेहनत को आजीविका से जोड़ने में उपयोगी साबित हो रही है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का सिलाई कार्य में उपयोग कर सरिता न केवल परिवार की आय में योगदान दे रही हैं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।

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