छत्तीसगढ़

CG : बीएसपी में वर्षों से जारी लोहा चोरी के पीछे संगठित गिरोह का आरोप …

By kadwaghut|31 Aug 2026, 3:15 PM
f X W

विधायक रिकेश सेन ने डीजीपी को लिखा पत्र

भिलाई । भिलाई इस्पात संयंत्र में कथित तौर पर वर्षों से चल रहे लोहा चोरी के मामले को लेकर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने अब पुलिस की भूमिका और जांच के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विधायक ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम को पत्र भेजकर बीएसपी की राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले संगठित गिरोह की गहन जांच और उसके मुख्य सूत्रधारों तक पहुंचने की मांग की है। विधायक ने पत्र में दावा किया है कि बीते करीब 40 वर्षों में बीएसपी से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के लोहे की चोरी हुई है। हालांकि इस राशि और चोरी की अवधि से संबंधित दावों की स्वतंत्र जांच एवं आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट करने के बजाय एफआईआर क्यों नहीं

रिकेश सेन ने बीएसपी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी ट्रांसपोर्टर या वाहन को प्लांट से चोरी के दौरान पकड़ा जाता था तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के बजाय वाहनों को ब्लैकलिस्ट किए जाने की प्रक्रिया क्यों अपनाई गई, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

स्क्रैप टेंडर और प्लांट से बाहर जाने वाले माल के वजन पर सवाल

विधायक ने बीएसपी के स्क्रैप टेंडर और प्लांट से बाहर निकलने वाले माल की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। पत्र में उन्होंने पूछा है कि स्क्रैप और अन्य सामग्री के प्लांट से बाहर जाने के दौरान वजन, रिकॉर्डिंग और सुरक्षा जांच की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी तथा सीआईएसएफ और संबंधित अधिकारियों की निगरानी में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई, इसकी जांच क्यों नहीं की जाती।

READ ALSO  CG : सेवा सेतु शिविर में 102 आवेदन प्राप्त, 94 का मौके पर निराकरण ...

एक मामले की कार्रवाई को पूरे लोहा चोरी प्रकरण से न जोड़ा जाए
रिकेश सेन ने हाल में पुलिस द्वारा भाजपा के एक मंडल पदाधिकारी की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ हुई कार्रवाई को पूरे बीएसपी लोहा चोरी प्रकरण से जोड़कर राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उनका सवाल है कि यदि दशकों से इतने बड़े पैमाने पर चोरी का आरोप है तो इसकी जांच केवल छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित क्यों रहे। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच में राजनीतिक दबाव अथवा पूर्वाग्रह से मुक्त होकर कार्रवाई करने मांग की है।

दुर्ग पुलिस की कार्रवाई अलग, असली नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी

विधायक ने स्पष्ट किया कि दुर्ग पुलिस द्वारा अब तक लोहा चोरी के मामले में की गई गिरफ्तारियां और जांच अपनी जगह है, लेकिन उनके अनुसार मामले के पीछे मौजूद कथित बड़े नेटवर्क और मुख्य सूत्रधारों तक पहुंचना अभी बाकी है। उन्होंने डीजीपी से पूरे मामले को व्यापक स्तर पर देखने और आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच कराने की मांग दोहराई है।

डीजीपी से सीधे हस्तक्षेप की अपील
अपने पत्र के अंतिम हिस्से में विधायक रिकेश सेन ने डीजीपी अरुण देव गौतम की कार्यशैली और ईमानदार छवि का उल्लेख करते हुए उनसे इस मामले में व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बीएसपी की संपत्ति केवल किसी एक संस्थान की नहीं बल्कि देश की राष्ट्रीय संपत्ति है और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।

विधायक की मांग है कि बीएसपी लोहा चोरी प्रकरण की जांच को केवल पकड़े गए आरोपियों तक सीमित न रखते हुए वाहनों, ट्रांसपोर्टरों, स्क्रैप कारोबार, खरीददारों, संबंधित अधिकारियों और कथित आर्थिक नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर किया जाए, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।

READ ALSO  राजनांदगांव : मांगों को लेकर नर्सों की हड़ताल, मरीजों का उपचार प्रभावित
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button