उत्तर प्रदेशराज्‍य

डीएनए-ड्रोन लैब में प्रशिक्षु अफसरों ने समझी जांच की ताकत

By Admin|06 Oct 2026, 8:16 PM
f X W

लखनऊ

 योगी सरकार की तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था को वैज्ञानिक साक्ष्यों का संबल मिल रहा है। इसी कड़ी में प्रान्तीय सिविल सेवा (PCS) 2025 बैच के 38 प्रशिक्षणाधीन अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस, लखनऊ का भ्रमण कर आधुनिक फॉरेंसिक जांच की बारीकियां समझीं। अधिकारियों ने संस्थान में स्थापित डीएनए लैब और ड्रोन लैब का अवलोकन किया तथा अपराध की वैज्ञानिक जांच में इनके उपयोग और महत्व की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर संस्थापक निदेशक डॉ जी.के. गोस्वामी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा फॉरेंसिक साइंस के माध्यम से सच्चाई को वैज्ञानिक रूप से कानून के समक्ष ला कर न्याय दिलाने में सहयोग करना ही हमारा मूल कार्य है। फील्ड में सिविल सेवा का काम बेहद कठिन काम है जो त्याग और समर्पण मांगता है, आपको मानसिक रूप से हर पल अपने को विषम परिस्थितियों से जूझने के लिए तैयार रखना होगा।
 
उन्होंने कहा कि कानून और विज्ञान का संगम ही फॉरेंसिक विज्ञान है। यह एक विजन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश भर के अफसरों को फॉरेंसिक की बारीकियां से अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने नए कानून के सदर्भ में तीन विषयों न्याय, सत्य एवं साक्ष्य पर भी प्रकाश डालते हुए इसका महत्व बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में फॉरेंसिक विज्ञान अति महत्वपूर्ण है साइबर और फॉरेंसिक हमारे जीवन में साया की तरह है क्योंकि हमारा जीवन आधुनिक तकनीक पर ज्यादा निर्भर है।

डॉ गोस्वामी ने कहा कि मृत्यु कालिक बयान के विषय पर प्रशिक्षु अधिकारियों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि मृत्युकालिक बयान की आवश्यकता तब पड़ती है जब ऐसा प्रतीत हो कि यदि पीड़ित के बयान तत्काल अंकित नहीं किए गये तो उसकी मृत्यु हो सकती है और बाद में अपराध को कानूनी रूप से सुझाने का महत्वपूर्ण साक्ष्य का लोप हो सकता है। ऐसी दशा में पुलिस अथवा चिकित्सक की सूचना पर किसी भी मजिस्ट्रेट को पीड़ित की भाषा में ही उसके बयान अंकित करने चाहिए जो क़ानूनी रूप से ग्राह्य है। उन्होंने कहा कि संभव हो तो बयान के समय डिजिटल रिकार्डिग भी करा लें। यदि पीड़ित व्यक्ति बात करने में सक्षम न हो परन्तु लिखित देने में सक्षम हो तो एसा बयान भी मृत्युकालिक बयान माना जायेगा।

READ ALSO  लखीमपुर जा रहा 308 पहियों का विशाल ट्रेलर, रास्ते में काटना पड़ा फुट ओवरब्रिज; लोग लेने लगे सेल्फी

संस्थान के अपर निदेशक संजीव सुमन ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संस्थान के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजीब मुखर्जी, अतुल यादव, पलक अनेजा, सेंथिल शिव सुब्रमण्यम, जनसंपर्क अधिकारी संतोष कुमार तिवारी, आरआई शैलेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins