छत्तीसगढ़

सस्ता और किफायती घर देने में छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय पहचान, ‘सबके लिए आवास’ मिशन को मिली बड़ी कामयाबी

By Admin|05 Oct 2026, 6:02 PM
f X W

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता से कर रहा साकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Advertisement
Advertisement

जमीन से लेकर किफायती घर तक प्रभावी व्यवस्था खड़ी करने के प्रयासों को मिला सम्मान – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

ईडब्ल्यूएस-एलआईजी के लिए भूमि आरक्षण और किफायती आवास उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय सम्मान

विश्व पर्यावास दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में छत्तीसगढ़ पुरस्कृत

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ को मिली राष्ट्रीय पहचान

निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण से 25,413 आवासों के लिए बिना सरकारी खर्च के उपलब्ध हुई जमीन

रायपुर 
 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के परिवारों को किफायती एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। 

ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण तथा एएचपी (Affordable Housing in Partnership) के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली (Best Practice) के लिए भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया है।

विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार प्रदान किया। राज्य की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-राज्य मिशन संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) सुमित अग्रवाल ने सम्मान ग्रहण किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास की उपलब्धता बढ़ाने के साथ ही उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा आवासीय परियोजनाओं की स्वीकृति, भूमि की उपलब्धता, निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता तक प्रत्येक स्तर पर प्रभावी निगरानी की जा रही है।

READ ALSO  CG : प्राचार्य पर व्याख्याता को पिटवाने और जान से मारने की सुपारी देने का आरोप…

हर पात्र परिवार को पक्का आवास हमारा संकल्प

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय उपलब्धि के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, SUDA तथा नगरीय निकायों की पूरी टीम को बधाई दी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में छत्तीसगढ़ की कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए भूमि आरक्षण तथा एएचपी के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराने की हमारी पहल को मिली यह पहचान राज्य सरकार की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और परिणामोन्मुख कार्यशैली का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि एक परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे और जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से युक्त बेहतर आवास उपलब्ध हो।

25,413 आवासों के लिए बिना सरकारी खर्च के मिली जमीन

शहरी क्षेत्रों में गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए आवास निर्माण की सबसे बड़ी चुनौतियों में भूमि की उपलब्धता प्रमुख रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस चुनौती के समाधान के लिए निजी कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण के प्रावधान को प्रभावी ढंग से लागू किया है।

इस व्यवस्था के परिणामस्वरूप राज्य में 25 हजार 413 आवासों के निर्माण के लिए बिना सरकारी खर्च के भूमि उपलब्ध हुई है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत 17 हजार 790 और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 7 हजार 623 आवास शामिल हैं।

READ ALSO  भोपाल में 6 अक्टूबर को जुटेंगे 20 हजार युवा, CM मोहन यादव बताएंगे AI-रोबोटिक्स और रोजगार का रोडमैप

इस पहल की विशेषता यह है कि कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास केवल शहरों के बाहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर नियोजित कॉलोनियों और विकसित शहरी क्षेत्रों का हिस्सा बन रहे हैं। इससे लाभार्थी परिवारों को सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा सहित अन्य आवश्यक शहरी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

भूमि से लेकर आवास तक छत्तीसगढ़ ने विकसित की प्रभावी व्यवस्था

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत एएचपी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया है। भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही परियोजनाओं की स्वीकृति, निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता की नियमित निगरानी की जा रही है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा SUDA द्वारा नगरीय निकायों के साथ समन्वय कर ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे शहरी गरीब परिवारों के लिए किफायती आवास की उपलब्धता को गति मिली है। इसी समग्र कार्यप्रणाली को भारत सरकार ने ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी है।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय सम्मान के लिए विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और नगरीय निकायों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि शहरी गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे ठोस प्रयासों की पहचान है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने शहरी गरीबों के आवास के लिए केवल योजना बनाने तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन की उपलब्धता से लेकर किफायती घर के निर्माण तक प्रभावी व्यवस्था विकसित की है। ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण और एएचपी मॉडल को राष्ट्रीय सम्मान मिलना इसी कार्य का परिणाम है।

READ ALSO  मेरठ में UP Rise 2026 का जलवा, युवाओं के इनोवेशन ने जीता दिल; पेट्रो वाटर विजेता

साव ने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि शहरों में जरूरतमंद परिवारों को तेजी से सम्मानजनक और किफायती आवास उपलब्ध हों। यह राष्ट्रीय सम्मान पूरी टीम को और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित करने के साथ हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ाता है।

‘सबके लिए आवास’ की दिशा में छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम

राज्य सरकार की इस पहल से 25 हजार से अधिक शहरी गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ा है। निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन ने एक ओर आवास निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता की बड़ी चुनौती का समाधान किया है, वहीं दूसरी ओर समाज के कमजोर वर्गों को विकसित शहरी क्षेत्रों और बेहतर नागरिक सुविधाओं से जोड़ने का रास्ता भी बनाया है।

विश्व पर्यावास दिवस पर मिला यह राष्ट्रीय सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता, नवाचार और परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली की राष्ट्रीय पहचान है।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins