CG : रायगढ़ में महीने की पहली तारीख को बदमाशों ने लगाई थाने में हाजिरी…
रायगढ़ । नवरात्रि और आगामी त्योहारों के मद्देनजर रायगढ़ पुलिस ने शहर के निगरानी, गुंडा और माफी बदमाशों के साथ-साथ पूर्व में विवाद और झगड़ों में शामिल रहे लोगों पर निगरानी बढ़ा दी है। इसी कड़ी में महीने की पहली तारीख को शहर के थाना कोतवाली, चक्रधरनगर और जूटमिल क्षेत्र से जुड़े ऐसे लोगों ने संबंधित थानों में पहुंचकर अपनी हाजिरी दर्ज कराई। पुलिस ने इस दौरान उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी कि त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि या विवाद में शामिल होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों में पहले से संलिप्त रहे व्यक्तियों की वर्तमान गतिविधियों पर लगातार नजर रखना जरूरी है, ताकि त्योहारों के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस के मुताबिक, इससे पहले 1 सितंबर को नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने थाना चक्रधरनगर परिसर में कोतवाली, चक्रधरनगर और जूटमिल थाना क्षेत्रों के निगरानी, गुंडा एवं माफी बदमाशों तथा पूर्व में झगड़े-विवाद में शामिल रहे व्यक्तियों को सामूहिक रूप से हाजिर कराया था। उस दौरान सभी को निर्देश दिया गया था कि वे प्रत्येक माह की पहली तारीख को अपने संबंधित थाने में पहुंचकर हाजिरी दें। साथ ही उनसे उनके जीवन-यापन के साधन, रोजगार और वर्तमान गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देने के लिए कहा गया था।
पुलिस ने साफ तौर पर निर्देश दिया था कि सभी लोग आपराधिक गतिविधियों से दूर रहें और त्योहारों के दौरान किसी भी तरह का विवाद उत्पन्न न करें। इसके अलावा शांतिपूर्ण तरीके से जीवन-यापन करने की हिदायत भी दी गई थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 1 अक्टूबर को इस व्यवस्था का असर दिखाई दिया और संबंधित लोगों ने कोतवाली, चक्रधरनगर और जूटमिल थानों में पहुंचकर अपनी हाजिरी दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी गतिविधियों और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। इस प्रक्रिया के जरिए पुलिस ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नियमित नजर बनाए रखना चाहती है। इस दौरान नगर पुलिस अधीक्षक राहुल उईके ने नवरात्रि पर्व को लेकर विशेष रूप से सख्त चेतावनी जारी की।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में गरबा, डांडिया और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चियां भी शामिल होती हैं। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह गंभीर है। सीएसपी ने हाजिरी देने पहुंचे लोगों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा गरबा या डांडिया आयोजन के दौरान महिलाओं और बच्चियों से छेड़खानी, छींटाकशी, अभद्र व्यवहार, मारपीट या किसी तरह का विवाद किया गया, तो पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि अब केवल समझाइश देकर मामला खत्म नहीं किया जाएगा। शिकायत मिलने या अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर सीधे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित लोगों की गतिविधियों और आवागमन पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इसलिए किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल होने से बचने और शांतिपूर्ण जीवन जीने की सलाह दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के सामने रोजगार या जीवन-यापन से जुड़ी कोई वास्तविक समस्या है, तो वह पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी दे सकता है। नियमानुसार समस्या के समाधान और जरूरी सहयोग का प्रयास किया जाएगा। रायगढ़ पुलिस ने सभी संबंधित लोगों को हर महीने की पहली तारीख को थाने में अनिवार्य रूप से हाजिरी देने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं, बल्कि पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को नियमित रूप से पुलिस की नजर में रखना भी है, ताकि उनकी गतिविधियों पर समय रहते नजर रखी जा सके। त्योहारी सीजन में भीड़ बढ़ने और विभिन्न आयोजनों के दौरान किसी तरह के विवाद की आशंका को देखते हुए पुलिस की यह सख्ती अहम मानी जा रही है। रायगढ़ पुलिस ने साफ कर दिया है कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बिगाड़ने या महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

