उत्तर प्रदेशराज्‍य

भाजपा संगठन और सरकार में बदलाव की उलटी गिनती शुरू

By Admin|17 Apr 2026, 9:41 PM
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 लखनऊ

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उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ ही भाजपा संगठन को दुरुस्त करने की उलटी गिनती शुरु हो गई है। यह सब अप्रैल महीने में ही होगा।

बीते पखवारे लखनऊ से लेकर दिल्ली तक भाजपा के प्रदेश और शीर्ष नेतृत्व के बीच गहन मंथन के बाद अब बदलाव और विस्तार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुहर लगनी है। भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और भारत सरकार में मंत्री पंकज चौधरी की शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात प्रस्तावित है। उनकी हरी झंडी के बाद लखनऊ में तैयारी प्रारंभ होगी। रविवार या सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार होने की पूरी संभावना है। इसके बाद संगठन के नये पदाधिकारियों की सूची जारी कर दी जाएगी।

दिल्ली में गुरुवार को समीकरणों को फिर मथा गया। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी व प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ बैठक कर सभी पहलुओं को समझा। इससे पहले इन सभी ने भाजपा के थिंक टैंक माने जाने वाले अमित शाह के साथ मंत्रिमंडल और संगठन विस्तार पर मंथन किया।

भारतीय जनता पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकार के सियासी समीकरण को दुरुस्त कर लेना चाहती है। अब भाजपा उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। जिसके तहत योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल और प्रदेश संगठन में भी फेरबदल होगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भेंट के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा उत्तर प्रदेश संगठन में बदलाव हो जाएगा। भाजपा प्रमुख कार्यकर्ताओं और नेताओं को निगम आयोग और बोर्ड में समायोजन करना चाहती है, इससे पहले सभासदों और नगर पंचायत सदस्यों को भी मनोनीत किया गया था।

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संगठन से ज्यादातर नेताओं की विदाई तय
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश को लेकर संगठन महामंत्री बीएम संतोष, भाजपा यूपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और यूपी के प्रभारी राष्ट्रीय संगठन मंत्री विनोद तावड़े के साथ बैठक की। इसके बाद यूपी बीजेपी संगठन की नई टीम फाइनल कर दी गई। महामंत्री और उपाध्यक्ष पदों पर जमे ज्यादातर नेताओं की विदाई तय हो गई है। इसके साथ युवा मोर्चा का नया अध्यक्ष और प्रवक्ताओं की सूची पर भी विचार किया गया।

ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर
क्षेत्रीय अध्यक्षों व प्रदेश पदाधिकारियों का नाम तय होने के साथ ही वहीं निगम, आयोग व बोर्ड में समायोजन करना है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर है। सबसे ज्यादा बदलाव स्वतंत्र प्रभार के मंत्रियों में होने की संभावनाएं हैं। तीन से चार चेहरों को हटाकर संगठन में लाने पर मंथन किया गया है। पिछले दो माह की तस्वीर देखें कि लखनऊ में आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक के साथ बैठक कर चुके हैं।

अप्रैल में ही सभी कसरतों को किया जाएगा पूरा
इसके बाद संघ और भाजपा के बड़े पदाधिकारियों की बैठक सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर हुई। अब राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने दो दिन लखनऊ में रुककर प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश महामंत्री संगठन से मिलकर सभी बिंदुओं पर चर्चा की। दोनों उप मुख्यमंत्रियों से अलग-अलग मिले थे। इसके बाद तत्काल बाद दिल्ली में फिर बैठक से साफ है कि पार्टी अप्रैल में ही सभी कसरतों को पूरा कर लेगी।

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मंत्रिमंडल में होगा बड़ा बदलाव
माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में 12-14 बदलाव होंगे। संगठन और शीर्ष नेतृत्व ने मंत्रियों के चार वर्ष के कार्य की समीक्षा करने के साथ क्षेत्र में उनके कामों का खाका तैयार किया है। मंत्री के काम काज के आकलन के बाद नॉन या लेस परफॉर्मर मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है और उनकी जगह पर नए चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है।

 

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