उत्तर प्रदेशराज्‍य

Bareilly Textile Park: 250 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली रफ्तार, जमीन हस्तांतरण के निर्देश, आवेदन आमंत्रित

By Admin|10 Jun 2026, 5:05 PM
f X W

 बरेली
जिले में टेक्सटाइल पार्क का इंतजार जल्द पूरा होने वाला है। मुख्यमंत्री ने जहां बरेली समेत पांच शहरों में टेक्सटाइल पार्क की घोषणा की है, वही मिल की भूमि का टेक्सटाइल पार्क के लिए हस्तांतरण का आदेश भी जारी हो गया है। अभी तक यह भूमि सहकारी कताई मिल संघ के पास है। खास बात यह है कि कैबिनेट के आदेश पर भूमि हस्तांतरण निश्शुल्क रूप से किया जाएगा। इसके लिए सहकारी कताई मिल की ओर से भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

Advertisement
Advertisement

उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना में एकीकृत टेक्सटाइल पार्क का लाभ बरेली को भी मिलेगा। जिले में लंबे समय से इसका इंतजार किया जा रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को इसकी घोषणा कर अंतिम मुहर भी लगा दी।

प्रस्तावित पार्क बहेड़ी से लगभग 10 किलोमीटर दूर नानकपुरी-टांडा मार्ग पर ग्राम सैदपुर खुर्द स्थित उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल परिसर में विकसित किया जाएगा। करीब 79.61 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाला यह पार्क प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग को नई गति देने के साथ रोजगार सृजन का बड़ा केंद्र बनेगा।

हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की ओर से तैयार पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट के अनुसार पार्क का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) माडल या नोडल एजेंसी के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके लिए लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है तथा योजना की अवधि पांच वर्ष निर्धारित की गई है।

पार्क में वस्त्र उद्योगों के लिए प्रतिस्पर्धी दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही रेडीमेड प्लग एंड प्ले शेड, आंतरिक सड़कें, विद्युत वितरण व्यवस्था, जल एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन, कामन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी), गोदाम, लाजिस्टिक सुविधाएं, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र, श्रमिक हास्टल, स्वास्थ्य सुविधाएं और सामान्य प्रसंस्करण केंद्र विकसित किए जाएंगे।

READ ALSO  यूपीआईटीएस 2026 में ₹6,500 करोड़ के 4,400 एमओयू, ₹15,500 करोड़ के संभावित कारोबार का बना नया रिकॉर्ड

हथकरघा व वस्त्र उद्योग के सहायक आयुक्त सर्वेश शुक्ला ने बताया कि सहकारी कताई मिल संघ की ओर से पुराना भवन ध्वस्त करने की निविदा की गई है। भवन ध्वस्त होने के साथ ही मौके से पुरानी मशीनरी को भी हटाया जाएगा। इसके बाद बाउंड्रीवाल आदि बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इन कार्यों में अभी एक महीने से अधिक समय लग सकता है।

बिजली, पानी, सड़क का मांगा प्रस्ताव
प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के विकास के लिए हथकरघा व वस्त्रोद्योग विभाग की ओर से कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए बिजली, पानी आपूर्ति व सड़क निर्माण का प्रस्ताव संबंधित विभागों से मांगा गया है। इसके लिए विभाग की ओर से पत्र तैयार कर योजना की जानकारी देते हुए संबंधित विभागों को कार्ययोजना बनाने के लिए कहा गया है।

पार्क में सहायक उद्योगों को मिलेगा स्थान
पार्क में केवल वस्त्र निर्माण इकाइयां ही नहीं बल्कि सहायक उद्योगों को भी स्थान मिलेगा। इनमें बटन, जिपर, फास्टनर, ट्रिम्स, लेबल एवं टैग निर्माण, पैकेजिंग सामग्री, तकनीकी वस्त्र, गोदाम तथा अन्य संबंधित उद्योग शामिल होंगे। योजना के अनुसार पार्क में न्यूनतम 10 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना अनिवार्य होगी और किसी एक इकाई को कुल औद्योगिक भूमि का 40 प्रतिशत से अधिक आवंटित नहीं किया जाएगा।

कौशल विकास, प्रयोगशाला, प्रदर्शनी
पार्क निर्माण से पहले पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट में प्रशासनिक भवन, अनुसंधान एवं विकास केंद्र, कौशल विकास केंद्र, गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला, विपणन एवं प्रदर्शनी केंद्र, खुदरा सुविधाएं, ट्रक पार्किंग, औद्योगिक श्रमिक आवास, कामन कैंटीन, फायर स्टेशन और हरित क्षेत्र जैसी व्यवस्थाओं का भी प्रस्ताव किया गया है। इससे एक ही जगह सभी सुविधाएं मिल सकेंगी।

READ ALSO  संत प्रेमानंद महाराज की शिष्या रसिक दुलारी की PM रिपोर्ट से सामने आई चोटों की जानकारी

स्थापित होने वाली इकाइयों पर मिलेगा वित्तीय प्रोत्साहन
उत्तर प्रदेश सरकार की टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति-2022 के अंतर्गत पार्क में स्थापित होने वाली इकाइयों को विशेष वित्तीय प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे। इसके तहत प्लांट एवं मशीनरी पर 25 प्रतिशत पूंजी अनुदान, ऋण पर ब्याज की 60 प्रतिशत प्रतिपूर्ति तथा अन्य अनुमन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

यदि पार्क का विकास पीपीपी माडल पर होता है तो राज्य सरकार मास्टर डेवलपर को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत पूंजी अनुदान प्रदान करेगी। यह अनुदान अधिकतम 50 लाख रुपये प्रति एकड़ की सीमा तक होगा और छह किस्तों में जारी किया जाएगा। वहीं, यदि पार्क का विकास सीधे नोडल एजेंसी से किया जाता है तो सरकार परियोजना लागत के बराबर ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराएगी।

योजना के कार्यान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं अपैरल औद्योगिक विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। यह एजेंसी भूमि चयन, व्यवहार्यता अध्ययन, मास्टर प्लान, भूमि आवंटन नीति तथा परियोजना के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएगी।

उद्योग स्थापना के लिए उद्यमियों से मांगे आवेदन
पार्क में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों से विभाग ने आनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस संबंध में सहायक आयुक्त, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग बरेली परिक्षेत्र सर्वेश कुमार शुक्ला को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। विभाग को उम्मीद है कि इस परियोजना के माध्यम से बरेली क्षेत्र उत्तर प्रदेश के उभरते हुए टेक्सटाइल हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि बहेड़ी में प्रस्तावित यह पार्क बरेली मंडल के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे विशेष रूप से महिलाओं और कुशल श्रमिकों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा प्रदेश के वस्त्र उद्योग को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायता मिलेगी।

READ ALSO  मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins