CG : दुकान दिलाने के नाम पर 3.10 लाख लेने का आरोप, FIR दर्ज …
कुरुद। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष तपन चंद्राकर और ललित चंद्राकर के बीच चल रहे विवाद में अब नया मोड़ सामने आया है। संजय नगर निवासी मीना चंद्राकर ने एसडीओपी कुरुद को आवेदन देकर तपन चंद्राकर पर दुकान दिलाने के नाम पर 3 लाख 10 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। मीना का दावा है कि इसमें से 1 लाख 10 हजार रुपये उन्हें वापस मिल चुके हैं, जबकि 2 लाख रुपये अब भी बकाया हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मीना चंद्राकर के मुताबिक, 12 जून 2024 को नया बाजार स्थित नगर पंचायत कॉम्पलेक्स में दुकान दिलाने की बात तपन चंद्राकर की ओर से कही गई थी। दुकान मिलने की उम्मीद में उन्होंने परिवार की आर्थिक व्यवस्था कर रकम जुटाई। शिकायत के अनुसार, पति की एफडीआर तुड़वाकर राशि की व्यवस्था की गई और उनके भाई ललित चंद्राकर की मौजूदगी में तपन चंद्राकर को कुल 3 लाख 10 हजार रुपये दिए गए। शिकायत में मीना ने यह भी उल्लेख किया है कि रकम देने के दौरान संबंधित दस्तावेज और फोटो लिए गए थे। उनका कहना है कि भरोसे में रकम देने के बावजूद उन्हें दुकान उपलब्ध नहीं कराई गई।
इसके बाद जब दुकान नहीं मिली तो उन्होंने अपनी राशि वापस करने की मांग की। मीना के आवेदन के मुताबिक, राशि वापसी को लेकर बातचीत के बाद जनवरी और मार्च 2026 में अलग-अलग किश्तों में कुल 1 लाख 10 हजार रुपये लौटाए गए। हालांकि उनका आरोप है कि शेष 2 लाख रुपये अभी तक वापस नहीं किए गए हैं। इसी रकम को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत और विवाद की स्थिति बनी। मीना ने अपने आवेदन में तपन चंद्राकर द्वारा ललित चंद्राकर के खिलाफ की गई शिकायत पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ललित चंद्राकर का नाम इस पूरे मामले में इसलिए सामने आया, क्योंकि रकम दिए जाने के समय वह मौके पर मौजूद थे।
मीना ने तपन की ओर से ललित के खिलाफ लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि तपन चंद्राकर और ललित चंद्राकर की ओर से दी गई शिकायतों को एक साथ देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। मीना का कहना है कि रकम के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए। गौरतलब है कि तपन चंद्राकर की ओर से ललित चंद्राकर के खिलाफ शिकायत के बाद यह मामला पहले ही चर्चा में था। अब मीना चंद्राकर की शिकायत सामने आने से विवाद और बढ़ गया है। दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसके चलते मामले की पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल मीना चंद्राकर की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत में बताए गए रकम के लेन-देन, दुकान से संबंधित दावे और दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस आवेदन के आधार पर तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर आगे की कार्रवाई तय कर सकती है।




